28 जनवरी 2026 · 28 January 2026
प्रारंभिक 8वीं सदी का तेलुगु शिलालेख
Early 8th century Telugu inscription
8वीं सदी का तेलुगु शिलालेख — तेलुगु भाषा व लिपि के प्रारंभिक विकास का साक्ष्य।
मुख्य तथ्य
- •8वीं सदी की प्रारंभिक तेलुगु शिलालेख की खोज।
- •शिलालेख — प्राचीन इतिहास का विश्वसनीय स्रोत।
- •तेलुगु भाषा/लिपि के विकास की प्राचीनता।
- •तेलुगु — द्रविड़ व शास्त्रीय भाषा।
- •पुरालेख-विज्ञान; क्षेत्रीय राजवंश; ASI।
8वीं सदी की प्रारंभिक तेलुगु शिलालेख की खोज की चर्चा हुई। शिलालेख (inscriptions) प्राचीन इतिहास के सबसे विश्वसनीय स्रोतों में से एक हैं, जो राजवंशों, भाषा, लिपि, धर्म, समाज व प्रशासन की जानकारी देते हैं (पुरालेख-विज्ञान/epigraphy)। एक प्रारंभिक (8वीं सदी की) तेलुगु शिलालेख की खोज तेलुगु भाषा व लिपि के विकास की प्राचीनता को दर्शाती है (तेलुगु एक द्रविड़ भाषा व शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है)। ऐसी खोजें भाषाई इतिहास, क्षेत्रीय राजवंशों (जैसे चालुक्य, राष्ट्रकूट) व सांस्कृतिक विरासत की समझ बढ़ाती हैं (ASI/राज्य पुरातत्व की भूमिका)। यह कला-संस्कृति, पुरातत्व व भाषा से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
तेलुगु शिलालेख, प्राचीन लिपियां व पुरालेख कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
शिलालेख — प्राचीन इतिहास का विश्वसनीय स्रोत (पुरालेख-विज्ञान)। प्रारंभिक तेलुगु शिलालेख (8वीं सदी) — तेलुगु लिपि प्राचीनता। तेलुगु — द्रविड़/शास्त्रीय भाषा।
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