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राजस्थान

राजस्थान में कृषि आदानों की फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस जांच व्यवस्था शुरू

24 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

राजस्थान कृषि विभाग ने भारतीय डाक विभाग के साथ समझौता कर बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस जांच व्यवस्था शुरू की।

क्या हुआ

राजस्थान कृषि विभाग ने 23 अक्टूबर को पंत कृषि भवन में भारतीय डाक विभाग (राजस्थान परिमण्डल) के साथ तीन वर्ष की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन किया। इस व्यवस्था में कृषि आदान निरीक्षक AgriQMS मोबाइल ऐप से नमूना लेंगे, जिसमें जीपीएस आधारित जियो-टैगिंग, क्यूआर कोड और टैम्पर-प्रूफ पैकिंग होगी। सिस्टम स्वतः रैंडम तरीके से प्रयोगशाला आवंटित करेगा, जिससे निरीक्षक को प्रयोगशाला का पता नहीं होगा और प्रयोगशाला को डीलर या निर्माता की पहचान नहीं मिलेगी। नमूने जयपुर में मास्क किए जाएंगे और डाक विभाग स्पीड पोस्ट व बिजनेस पोस्ट सेंटर सेवा से प्रयोगशालाओं तक पहुंचाएगा। डाक विभाग Book Now Pay Later सुविधा भी देगा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इसे किसानों के हित में पारदर्शी व्यवस्था बताया।

पृष्ठभूमि

वर्तमान में कृषि विभाग विभिन्न स्तरों पर कृषि आदानों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में जांच कराता है, लेकिन इस प्रक्रिया में नमूनों के संग्रहण, पैकिंग, परिवहन, प्रयोगशाला आवंटन और परीक्षण परिणामों के प्रबंधन में अनेक स्तरों पर मानवीय हस्तक्षेप की संभावना रहती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति की अनुपालना में यह नई व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्य तथ्य

  1. 1राजस्थान कृषि विभाग और भारतीय डाक विभाग के बीच 23 अक्टूबर को तीन वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन हुआ।
  2. 2AgriQMS मोबाइल ऐप से नमूना संग्रहण में जीपीएस जियो-टैगिंग, क्यूआर कोड और टैम्पर-प्रूफ पैकिंग होगी।
  3. 3सिस्टम स्वतः रैंडम तरीके से प्रयोगशाला आवंटित करेगा, निरीक्षक और प्रयोगशाला दोनों को पहचान छिपी रहेगी।
  4. 4भारतीय डाक विभाग स्पीड पोस्ट सेवा से नमूने प्रयोगशालाओं तक पहुंचाएगा और Book Now Pay Later सुविधा देगा।
  5. 5कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इस पहल की घोषणा की।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

1. राजस्थान में कृषि आदानों की फेसलेस जांच के लिए कौन सा मोबाइल ऐप उपयोग होगा? (AgriQMS) 2. कृषि विभाग और भारतीय डाक विभाग के बीच समझौता ज्ञापन कितने वर्ष की अवधि के लिए किया गया? (तीन वर्ष)

स्रोत: DIPR राजस्थान (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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