भारत में FDI रुझान
10 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
FDI — विदेशी कंपनियों का भारत में दीर्घकालिक निवेश; अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग।
क्या हुआ
भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की प्रवृत्तियों की चर्चा हुई। FDI तब होता है जब कोई विदेशी कंपनी/व्यक्ति किसी देश के व्यवसाय में दीर्घकालिक हित (आमतौर पर 10%+ हिस्सेदारी) के साथ निवेश करता है। भारत बड़े बाज़ार, सुधारों, उदार FDI नीति (अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग) व 'मेक इन इंडिया'/PLI के कारण एक प्रमुख FDI गंतव्य है। प्रवृत्तियाँ — सेवा, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर, दूरसंचार व विनिर्माण में निवेश; प्रमुख स्रोत — सिंगापुर, मॉरीशस, अमेरिका। FDI पूँजी, प्रौद्योगिकी, रोज़गार व प्रबंधन-कौशल लाता है (FPI/पोर्टफोलियो से अधिक स्थिर)। DPIIT FDI नीति बनाता है। यह आर्थिक वृद्धि व निवेश से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत में FDI की प्रवृत्तियाँ।
- 2FDI — दीर्घकालिक हित (10%+ हिस्सेदारी)।
- 3उदार नीति; स्वचालित मार्ग; मेक इन इंडिया।
- 4स्रोत — सिंगापुर, मॉरीशस, अमेरिका।
- 5पूँजी, प्रौद्योगिकी, रोज़गार; FPI से अधिक स्थिर।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
FDI, स्वचालित मार्ग व प्रेस नोट 3 अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: FDI — दीर्घकालिक हित (10%+)। मार्ग — स्वचालित व सरकारी। स्रोत — सिंगापुर, मॉरीशस, US। FPI से अधिक स्थिर। DPIIT।