वित्तीय अपराध पर FIU-IND व I4C का MoU
11 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
FIU-IND — संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर केंद्रीय एजेंसी; I4C — MHA का संलग्न कार्यालय (NCRP)।
क्या हुआ
वित्तीय अपराधों पर FIU-IND व I4C के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) की चर्चा हुई। वित्तीय आसूचना इकाई-भारत (FIU-IND) धन-शोधन/आतंकी-वित्तपोषण से संबंधित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करती है (PMLA)। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C — गृह मंत्रालय के अधीन) साइबर अपराध से समन्वित ढंग से निपटने का नोडल केंद्र है। यह MoU दोनों के बीच सूचना-साझाकरण व समन्वय बढ़ाता है, ताकि साइबर-वित्तीय अपराध (ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट घोटाले, क्रिप्टो-आधारित मनी लॉन्ड्रिंग, म्यूल खाते) का बेहतर पता लगाया व रोका जा सके। यह वित्तीय अखंडता, साइबर सुरक्षा व आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1वित्तीय अपराधों पर FIU-IND व I4C के बीच MoU।
- 2FIU-IND — संदिग्ध वित्तीय लेन-देन विश्लेषण।
- 3I4C — साइबर अपराध समन्वय केंद्र (गृह मंत्रालय)।
- 4सूचना-साझाकरण; साइबर-वित्तीय अपराध रोकथाम।
- 5ऑनलाइन धोखाधड़ी, म्यूल खाते, क्रिप्टो-लॉन्ड्रिंग।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
FIU-IND, I4C व साइबर अपराध राजव्यवस्था/साइबर में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: FIU-IND — संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (PMLA)। I4C — साइबर अपराध समन्वय केंद्र (गृह मंत्रालय)। साइबर-वित्तीय अपराध; म्यूल खाते।