24 फरवरी 2026 · 24 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
Freedom of speech in Parliament
अनुच्छेद 105 — संसद में सांसदों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता; कार्यवाही पर न्यायालय में सवाल नहीं।
मुख्य तथ्य
- •संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।
- •अनुच्छेद 105 — सदन में स्वतंत्र भाषण।
- •सदन/समिति में कथन पर न्यायिक उन्मुक्ति।
- •सीमा — संसदीय कार्यवाही तक; नियमों के अधीन।
- •संसदीय विशेषाधिकार (अनुच्छेद 105/194)।
संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की चर्चा हुई। संविधान का अनुच्छेद 105 संसद सदस्यों को सदन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है — सदन या समिति में कही गई किसी बात या दिए गए मत के लिए किसी सदस्य पर न्यायालय में कार्यवाही नहीं की जा सकती। यह स्वतंत्र, निर्भीक बहस व लोकतांत्रिक जवाबदेही सुनिश्चित करता है। हालाँकि यह स्वतंत्रता संसदीय कार्यवाही तक सीमित है (सदन के बाहर के बयानों पर सामान्य कानून लागू होते हैं) व सदन के नियमों व अध्यक्ष के अनुशासन के अधीन है। यह संसदीय विशेषाधिकारों (अनुच्छेद 105/194) से जुड़ा है। (अनुच्छेद 121 — संसद में न्यायाधीशों के आचरण पर चर्चा का प्रतिबंध।)
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
अनुच्छेद 105, संसदीय विशेषाधिकार व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
अनुच्छेद 105 — संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता; न्यायिक उन्मुक्ति। सदन तक सीमित; नियमों/अध्यक्ष के अधीन। अनुच्छेद 194 (राज्य)।
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