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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

चकमा स्वायत्त ज़िला परिषद में राज्यपाल शासन

15 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

CADC — मिज़ोरम में छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त ज़िला परिषद; राज्यपाल शासन बढ़ाया गया।

क्या हुआ

चकमा स्वायत्त ज़िला परिषद (Chakma ADC) में 'राज्यपाल शासन' की चर्चा हुई। चकमा ADC मिज़ोरम में संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त ज़िला परिषद है (छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों को स्वशासन देती है)। जब किसी ADC में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए, राजनीतिक अस्थिरता/गतिरोध हो, या प्रशासन ठीक से न चल पाए, तो राज्यपाल (राज्य की सिफ़ारिश पर) ADC को निलंबित कर सीधे 'राज्यपाल शासन' (Governor's Rule) लगा सकते हैं (केंद्र में राष्ट्रपति शासन/अनुच्छेद 356 के समान, पर ADC-स्तर पर)। यह जनजातीय स्वशासन, संवैधानिक प्रावधान व संघवाद से जुड़ता है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1चकमा स्वायत्त ज़िला परिषद में राज्यपाल शासन।
  2. 2चकमा ADC — मिज़ोरम; संविधान की छठी अनुसूची।
  3. 3छठी अनुसूची — जनजातीय क्षेत्रों को स्वशासन।
  4. 4संवैधानिक तंत्र विफलता पर ADC निलंबित।
  5. 5अनुच्छेद 356 जैसा (ADC-स्तर); जनजातीय स्वशासन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

छठी अनुसूची, स्वायत्त ज़िला परिषद व CADC राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: चकमा ADC — मिज़ोरम; छठी अनुसूची स्वायत्त ज़िला परिषद। राज्यपाल शासन — संवैधानिक तंत्र विफलता पर ADC निलंबित (अनुच्छेद 356 जैसा ADC-स्तर)। जनजातीय स्वशासन।

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