11 मार्च 2026 · 11 March 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार में ग्रिड बाधाएं
Grid bottlenecks in India's renewable energy expansion
ग्रिड बाधाएं — नवीकरणीय की रुक-रुक कर प्रकृति, पारेषण क्षमता की कमी, भंडारण समाधानों का अभाव।
मुख्य तथ्य
- •नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार में ग्रिड बाधाएँ।
- •सौर/पवन ऊर्जा दूरस्थ क्षेत्रों में उत्पन्न।
- •पारेषण क्षमता की कमी — ऊर्जा बर्बादी (curtailment)।
- •समाधान — हरित ऊर्जा गलियारे, भंडारण, स्मार्ट ग्रिड।
- •राजस्थान/गुजरात — सौर/पवन केंद्र।
भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार में ग्रिड (grid) बाधाओं की चर्चा हुई। भारत तेज़ी से सौर व पवन ऊर्जा क्षमता बढ़ा रहा है, किंतु यह ऊर्जा प्रायः दूरस्थ/संसाधन-समृद्ध क्षेत्रों (राजस्थान, गुजरात) में उत्पन्न होती है, जिसे माँग केंद्रों तक पहुँचाने हेतु पारेषण (transmission) अवसंरचना आवश्यक है। ग्रिड बाधाएँ (पारेषण क्षमता की कमी, अस्थिरता) नवीकरणीय ऊर्जा को बर्बाद (curtailment) कर सकती हैं। समाधान — हरित ऊर्जा गलियारे, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण (बैटरी/पंप्ड हाइड्रो) व स्मार्ट ग्रिड। यह नेट ज़ीरो (2070), ऊर्जा सुरक्षा व ग्रिड स्थिरता से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
ग्रिड एकीकरण, BESS व नवीकरणीय ऊर्जा अर्थव्यवस्था/पर्यावरण में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
हरित ऊर्जा गलियारे; ग्रिड आधुनिकीकरण। ऊर्जा भंडारण — बैटरी, पंप्ड हाइड्रो। curtailment। राजस्थान/गुजरात — सौर/पवन केंद्र। नेट ज़ीरो 2070।
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