2 फरवरी 2026 · 2 February 2026
श्री गुरु रविदास महाराज जी की जयंती
Birth Anniversary of Shri Guru Ravidas Maharaj ji
गुरु रविदास — 15वीं-16वीं सदी के भक्ति संत-कवि; समानता व जाति-विरोध का संदेश।
मुख्य तथ्य
- •श्री गuru रविदास जी की जयंती।
- •भक्ति आंदोलन के संत-कवि व समाज-सुधारक।
- •जाति-भेद, अस्पृश्यता विरोधी; समानता का संदेश।
- •'बेगमपुरा' आदर्श-समाज; गुरु ग्रंथ साहिब में रचनाएँ।
- •माघ पूर्णिमा; पंजाब/उत्तर भारत में श्रद्धा।
श्री गुरु रविदास जी की जयंती की चर्चा हुई। संत गुरु रविदास (रैदास, 15वीं-16वीं सदी) भक्ति आंदोलन के एक प्रमुख संत-कवि व समाज-सुधारक थे, जिन्होंने जाति-भेद, सामाजिक असमानता व अस्पृश्यता के विरुद्ध आवाज़ उठाई व समानता, भक्ति व मानवता का संदेश दिया। वे संत कबीर के समकालीन व रामानंद के शिष्य माने जाते हैं। उनकी रचनाएँ सिखों के 'गुरु ग्रंथ साहिब' में भी संकलित हैं। उन्होंने 'बेगमपुरा' (दुःख-रहित, समतामूलक शहर) की एक आदर्श-समाज की कल्पना दी। उनकी जयंती (माघ पूर्णिमा) देशभर में, विशेषकर पंजाब/उत्तर भारत में, श्रद्धा से मनाई जाती है। यह कला-संस्कृति, भक्ति आंदोलन व सामाजिक सुधार से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
गुरु रविदास, भक्ति आंदोलन व निर्गुण संत कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
गुरु रविदास (रैदास) — भक्ति संत-कवि; जाति-भेद/अस्पृश्यता विरोधी; समानता। कबीर समकालीन; रामानंद शिष्य। 'बेगमपुरा'; गुरु ग्रंथ साहिब। माघ पूर्णिमा।
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