ICAR ने अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) के खिलाफ देशज टीका विकसित किया
8 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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ICAR का ASF टीका विकास भारत की पशु चिकित्सा अनुसंधान क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है।
क्या हुआ
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) के विरुद्ध एक स्वदेशी टीका विकसित किया है, जो आयातित तकनीकों पर निर्भरता को कम करता है। ASF एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करता है। यह रोग सीधे संपर्क, दूषित भोजन, सूअर के मांस के उत्पाद, टिक्स और अन्य माध्यमों से फैलता है। भारत के कई राज्यों में ASF के प्रकोप से सूअर पालन क्षेत्र को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह टीका रोग नियंत्रण, रोग निगरानी में सुधार और तेजी से प्रतिक्रिया में मदद करेगा। यह विकास आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने और पशु चिकित्सा जैविक प्रौद्योगिकी में भारत की क्षमता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- 1ICAR ने अफ्रीकी स्वाइन फीवर के विरुद्ध स्वदेशी टीका विकसित किया
- 2ASF सूअरों का अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो कई माध्यमों से फैलता है
- 3टीका रोग नियंत्रण, रोग निगरानी और तेजी से प्रतिक्रिया में सहायक होगा
- 4विकास आत्मनिर्भर भारत और पशु जैव सुरक्षा को मजबूत करता है
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
पशुधन स्वास्थ्य, जैव सुरक्षा नीति, और राजस्थान जैसे राज्यों में पशुपालन से जुड़े रोग नियंत्रण के लिए प्रौद्योगिकी विकास।
स्थायी GK: अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV) Asfarviridae परिवार से संबंधित है और सूअरों में घातक होता है।