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9 अगस्त 2026 · 9 August 2026विज्ञान⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

ICAR ने अफ्रीकी स्वाइन फीवर के लिए स्वदेशी वैक्सीन विकसित की

ICAR Develops Indigenous African Swine Fever Vaccine

ICAR की स्वदेशी ASF वैक्सीन भारत की पशुधन सुरक्षा को मजबूत करती है और आयातित तकनीकों पर निर्भरता कम करती है।

मुख्य तथ्य

  • अफ्रीकी स्वाइन फीवर एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करता है
  • रोग का कारण अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV) है जो Asfarviridae परिवार से संबंधित है
  • संचरण सीधे संपर्क, दूषित चारा, सूअर का मांस, टिक्स और अन्य माध्यमों से होता है
  • वैक्सीन पशु स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार करेगी और रोग के प्रकोप को नियंत्रित करने में मदद करेगी
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने अफ्रीकी स्वाइन फीवर के विरुद्ध भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन विकसित की है। यह एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जिसने भारत के कई राज्यों में सूअर पालन क्षेत्र को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। Asfarviridae परिवार के अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस के कारण होने वाला यह रोग सीधे संपर्क, दूषित चारे, सूअर के मांस उत्पादों और टिक्स के माध्यम से फैलता है, जिससे प्रकोप शुरू होने पर उसे नियंत्रित करना कठिन हो जाता है। आयातित तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय स्वदेशी रूप से वैक्सीन विकसित करके, ICAR भारत की पशु स्वास्थ्य सुरक्षा और जैव सुरक्षा को मजबूत करता है, भविष्य के प्रकोपों पर तेज नियंत्रण में मदद करता है और पशु चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर भारत की दिशा को आगे बढ़ाता है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

आत्मनिर्भर भारत और पशु चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति को समझना।

📚 संबंधित स्थायी GK

अफ्रीकी स्वाइन फीवर पहली बार 1921 में केन्या में पहचाना गया था और यह भारत के कई राज्यों में सूअर पालन क्षेत्र में भारी आर्थिक नुकसान का कारण बना है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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