IIT जोधपुर: हाइपरसोनिक प्रणोदन व सौर-आधारित समुद्री जल शुद्धिकरण पर शोध
1 अक्टूबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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अक्टूबर 2025 में चर्चा में आया कि IIT जोधपुर की शॉक वेव्स एंड हाई-स्पीड फ्लो (SWAHS) प्रयोगशाला में डॉ. अरुण कुमार के मार्गदर्शन में यात्रा, अंतरिक्ष यान व सुरक्षा को बदलने वाली परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
क्या हुआ
पहली परियोजना में DRDO व ARDB समर्थित स्क्रैमजेट इंजन विकसित किए जा रहे हैं, जो पारंपरिक भारी ऑक्सीजन टैंकों के बजाय हवा से सीधे ऑक्सीजन लेकर रॉकेट को हल्का, किफायती व तेज़ बनाएंगे- यह भारत के हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ा है। दूसरी परियोजना ANRF व ARG समर्थित है, जिसमें सौर ऊर्जा से समुद्री जल शुद्धिकरण व शीतलन एक साथ करने वाली तकनीक विकसित की जा रही है।
मुख्य तथ्य
- 1प्रयोगशाला: शॉक वेव्स एंड हाई-स्पीड फ्लो (SWAHS) लैब, IIT जोधपुर।
- 2मार्गदर्शक: डॉ. अरुण कुमार, सहायक प्रोफेसर।
- 3परियोजनाएं: स्क्रैमजेट इंजन (हाइपरसोनिक प्रणोदन) व सौर समुद्री जल शुद्धिकरण-शीतलन प्रणाली।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
IIT जोधपुर के रक्षा व ऊर्जा संबंधी अनुसंधान RAS परीक्षा के विज्ञान-प्रौद्योगिकी खंड में राजस्थान-केंद्रित प्रश्नों हेतु महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: स्क्रैमजेट इंजन एक प्रकार का एयर-ब्रीदिंग जेट इंजन है जो सुपरसोनिक गति पर हवा से ऑक्सीजन लेकर ईंधन दहन करता है।