7 मई 2026 · 7 May 2026
चाय श्रमिकों की ILO शिकायत
ILO complaint by tea workers
ILO अनुच्छेद 24 — औद्योगिक संघ अभ्यावेदन दे सकते हैं; भारत ने 10 में से 6 मूल अभिसमय अनुसमर्थित किए।
मुख्य तथ्य
- •चाय बागान श्रमिकों की ILO में शिकायत।
- •ILO — UN की त्रिपक्षीय श्रम एजेंसी (1919; जिनेवा)।
- •श्रमिक — कम मज़दूरी, बकाया वेतन, अधिकार उल्लंघन।
- •बागान श्रमिक अधिनियम 1951; श्रम संहिताएँ।
- •भारत — ILO का संस्थापक सदस्य।
चाय बागान श्रमिकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) में शिकायत की चर्चा हुई। ILO संयुक्त राष्ट्र की एक त्रिपक्षीय विशेष एजेंसी है (1919; मुख्यालय जिनेवा), जिसमें सरकारें, नियोक्ता व श्रमिक शामिल होते हैं, जो श्रम मानकों, उचित कार्य (decent work) व श्रमिक अधिकारों को बढ़ावा देती है। चाय बागान श्रमिक प्रायः कम मज़दूरी, खराब आवास/स्वास्थ्य, बकाया वेतन व अधिकारों के उल्लंघन का सामना करते हैं। ILO में शिकायत श्रम अधिकारों के उल्लंघन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाती है। यह बागान श्रमिक अधिनियम 1951, श्रम संहिताओं व श्रमिक कल्याण से जुड़ा है। भारत ILO का संस्थापक सदस्य है। यह श्रम अधिकार व अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
ILO, मूल अभिसमय व श्रम अधिकार अंतरराष्ट्रीय में महत्वपूर्ण हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
ILO — 1919; UN त्रिपक्षीय एजेंसी (सरकार-नियोक्ता-श्रमिक); जिनेवा। उचित कार्य; श्रम मानक। बागान श्रमिक अधिनियम 1951। भारत संस्थापक सदस्य।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert