परिचय
पंचायती राज — स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय प्रणाली। 73वां संविधान संशोधन 1992 (24 अप्रैल 1993 से लागू) — संवैधानिक दर्जा। भाग-IX (अनुच्छेद 243-243O) और 11वीं अनुसूची (29 विषय) जोड़े। 24 अप्रैल = राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बलवंत राय मेहता समिति 1957: त्रिस्तरीय संरचना की पहली सिफारिश। 2 अक्टूबर 1959, नागौर, राजस्थान — प्रथम पंचायती राज, नेहरू द्वारा उद्घाटन। राजस्थान = पंचायती राज की जन्मभूमि।
एल.एम. सिंघवी समिति 1986 — संवैधानिक दर्जे की पहली सिफारिश।
73वें संशोधन की मुख्य विशेषताएं
1. त्रिस्तरीय ढांचा (अनुच्छेद 243B)
ग्राम पंचायत | पंचायत समिति | जिला परिषद। 20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों में मध्यवर्ती स्तर अनिवार्य नहीं।
2. ग्राम सभा (अनुच्छेद 243A)
ग्राम पंचायत के मतदाता। पंचायती राज की आधारशिला। वर्ष में न्यूनतम 4 बैठकें।
3. आरक्षण (अनुच्छेद 243D)
SC/ST — जनसंख्या के अनुपात में। महिलाएं — न्यूनतम 1/3 आरक्षण। राजस्थान — 50% आरक्षण।
PESA अधिनियम 1996
5वीं अनुसूची (जनजातीय) क्षेत्रों तक पंचायत प्रावधानों का विस्तार। ग्राम सभा को विशेष शक्तियां।
RAS Prelims में महत्व
3-5 प्रश्न (राजस्थान परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण)। 73वां संशोधन — 24 अप्रैल 1993। नागौर 1959। बलवंत राय मेहता 1957। महिला आरक्षण 1/3 (राजस्थान 50%)। 11वीं अनुसूची = 29 विषय। PESA 1996। ट्रिक: NAP73 = Nagaur, Amendment, Panchayat Day, 1993।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
- •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
- •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
- •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
- •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।