भारत का LWE-पश्चात रूपांतरण
25 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
भारत माओवादी विद्रोह से मुक्त घोषित; फोकस अब समावेशी शासन व विकास पर।
क्या हुआ
भारत के वामपंथी उग्रवाद (LWE/नक्सलवाद) के बाद के रूपांतरण की चर्चा हुई। वामपंथी उग्रवाद, जिसे प्रायः 'लाल गलियारा' कहा जाता है, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा आदि के आदिवासी-वन क्षेत्रों में सक्रिय रहा। हाल के वर्षों में सुरक्षा अभियानों, विकास योजनाओं (सड़क, स्कूल, मोबाइल कनेक्टिविटी) व आत्मसमर्पण नीतियों के संयोजन से प्रभावित ज़िलों की संख्या में भारी गिरावट आई है। सरकार ने LWE को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। यह 'सुरक्षा + विकास' की दोहरी रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत का वामपंथी उग्रवाद (LWE) के बाद रूपांतरण।
- 2'लाल गलियारा' — झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा।
- 3प्रभावित ज़िलों में भारी गिरावट।
- 4रणनीति — सुरक्षा + विकास (सड़क, स्कूल, कनेक्टिविटी)।
- 5नोडल — गृह मंत्रालय; SAMADHAN सिद्धांत।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
LWE, FRA 2006, PESA 1996 व पांचवीं अनुसूची राजव्यवस्था/सुरक्षा में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: LWE — वामपंथी उग्रवाद; 'लाल गलियारा' (झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा)। रणनीति — सुरक्षा + विकास। नोडल — गृह मंत्रालय। समाधान/SAMADHAN सिद्धांत।