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14 जनवरी 2026 · 14 January 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

भारतीय लघु चित्रकला

Indian miniature painting

लघु चित्रकला — छोटे आकार की जटिल, विस्तार-समृद्ध चित्रकारी; प्राकृतिक रंग।

मुख्य तथ्य

  • भारतीय लघु-चित्रकला।
  • छोटे, बारीक हस्तनिर्मित चित्र; प्राकृतिक रंग।
  • शैलियाँ — मुग़ल, राजस्थानी, पहाड़ी, दक्कनी।
  • किशनगढ़ की 'बणी-ठणी'; कांगड़ा शैली।
  • राजस्थान — लघु-चित्रकला का प्रमुख केंद्र।
भारतीय लघु-चित्रकला (miniature painting) की चर्चा हुई। लघु-चित्र छोटे आकार के, अत्यंत बारीक व विस्तृत हस्तनिर्मित चित्र होते हैं, जो प्रायः पांडुलिपियों, कागज़, कपड़े या हाथीदाँत पर प्राकृतिक रंगों से बनाए जाते हैं। भारत में इसकी समृद्ध परंपरा रही है — पाल/जैन शैली, मुग़ल शैली (फारसी प्रभाव सहित यथार्थवाद), राजपूत/राजस्थानी शैली (मेवाड़, मारवाड़, बूंदी, किशनगढ़ — 'बणी-ठणी'), पहाड़ी शैली (कांगड़ा, बसोहली) व दक्कनी शैली। ये धार्मिक, दरबारी, प्रेम (राधा-कृष्ण), प्रकृति व राग-रागिनी विषयों को दर्शाती हैं। राजस्थान लघु-चित्रकला का प्रमुख केंद्र है। यह कला, सांस्कृतिक विरासत व इतिहास से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

लघु चित्रकला, मुगल/राजपूत शैली व पहाड़ी चित्रकला कला-संस्कृति में पूछी जाती हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

लघु-चित्र शैलियाँ — मुग़ल, राजस्थानी (मेवाड़/किशनगढ़ 'बणी-ठणी'), पहाड़ी (कांगड़ा), दक्कनी। प्राकृतिक रंग। राजस्थान प्रमुख केंद्र।

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