वित्त वर्ष 2024-25 में दिवालियापन समाधान का रिकॉर्ड
19 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
वित्त वर्ष 2024-25 में दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (IBC) के तहत रिकॉर्ड समाधान।
क्या हुआ
वित्त वर्ष 2024-25 में दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत रिकॉर्ड संख्या में मामलों का समाधान हुआ। इस दौरान कुल समाधानित मामलों और बैंकों/लेनदारों की वसूली राशि में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो भारत में ऋण-समाधान व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण को दर्शाती है।
मुख्य तथ्य
- 1ढाँचा: दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC)
- 2वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड समाधान
- 3लेनदारों की वसूली राशि में वृद्धि
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
IBC का लागू वर्ष (2016) और इसकी नियामक संस्था (IBBI) पूछी जा सकती है।
स्थायी GK: IBC 2016 में लागू हुई; इसकी नियामक संस्था IBBI है।