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📚 भारतीय संविधान, राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन

संघ-राज्य राजस्व वितरण: वित्त आयोग, GST | RAS

Union-State Revenue: Finance Commission, GST | RAS

⏱ 12 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मार्च 2026· Indian Constitution, Political System & Governance

परिचय

राजस्व (राज + स्व, अर्थात राजा/राज्य का हिस्सा) सरकार द्वारा कर, शुल्क और अन्य वित्तीय तंत्र के माध्यम से उत्पन्न आय को संदर्भित करता है। भारतीय संविधान के संदर्भ में, राजस्व शासन और राजकोषीय संघवाद का एक मौलिक स्तंभ है। संविधान केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच राजस्व के संग्रह और वितरण के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। RPSC RAS प्रारंभिक परीक्षा के लिए राजस्व प्रावधानों को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वित्तीय शक्तियों के वितरण, राज्य की स्वायत्तता और भारत में सहकारी संघवाद से सीधे संबंधित है। संविधान केंद्रीय और राज्य सरकारों को कर लगाने और आय उत्पन्न करने के लिए अधिकृत करता है, जो राष्ट्र के संतुलित आर्थिक विकास को सुनिश्चित करता है।

मुख्य अवधारणाएँ

1. राजस्व का संवैधानिक वितरण

भारतीय संविधान अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची (संघ, राज्य व समवर्ती सूची) के माध्यम से संघ और राज्यों के बीच विषयों व कर लगाने के अधिकार को विभाजित करता है। संघ सरकार को आयकर और सीमा शुल्क जैसे करों को लगाने की विशेष शक्ति है। राज्यों को भूमि-भवन पर कर, स्टैम्प शुल्क (गैर-न्यायिक) और कृषि आय कर पर अधिकार है। समवर्ती सूची में करों की प्रविष्टियां लगभग नहीं हैं (स्टाम्प शुल्क जैसी प्रविष्टि को छोड़कर); समवर्ती विषयों पर विरोध की स्थिति में संघ का कानून प्रभावी होता है। GST लागू होने के बाद अनुच्छेद 246-क के तहत संघ व राज्य दोनों वस्तु एवं सेवा कर लगा सकते हैं।

2. वित्त आयोग

संविधान का अनुच्छेद 280 वित्त आयोग के गठन का प्रावधान करता है, जो हर पाँच वर्ष में गठित होता है। यह संघ और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण, अनुच्छेद 275 के अंतर्गत राज्यों को सहायता-अनुदान के सिद्धांतों और वित्त में सुधार के उपायों की सिफारिश करता है। आयोग संसाधन-समृद्ध और संसाधन-कमजोर राज्यों के बीच राजकोषीय असंतुलन को कम करने का प्रयास करता है।

वित्त आयोगअध्यक्षअवधिराज्यों को हिस्सा (विभाज्य पूल)
14वांवाई. वी. रेड्डी2015-2042%
15वांएन. के. सिंह2021-2641%
16वांअरविंद पनगढ़िया2026-3141%

3. समेकित निधि और सार्वजनिक खाता

अनुच्छेद 266 भारत की समेकित निधि (CFI) की स्थापना करता है जिसमें संघ को मिलने वाले सभी राजस्व, उधार और ऋणों की वसूली जमा की जाती है (राज्यों की अपनी समेकित निधि होती है)। सार्वजनिक खाता जमा, भविष्य निधि जैसी अन्य सार्वजनिक राशियां प्राप्त करता है। CFI से संसद द्वारा पारित विधि के बिना धन निकाला नहीं जा सकता। आकस्मिकता निधि अनुच्छेद 267 में है। यह तंत्र संघ और राज्य स्तर पर वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

4. राज्य वित्त आयोग

अनुच्छेद 243-I (पंचायतें) और 243-Y (नगरपालिकाएं) के अनुसार राज्यपाल प्रत्येक पाँच वर्ष में राज्य वित्त आयोग गठित करता है, जो राज्य और स्थानीय निकायों के बीच राजस्व के बंटवारे की सिफारिश करता है। केंद्रीय वित्त आयोग की तरह, यह राजकोषीय असमानताओं को संबोधित करता है और तीन-स्तरीय शासन संरचना को मजबूत करता है।

5. कर राजस्व और गैर-कर राजस्व

कर राजस्व में आयकर, कॉर्पोरेट कर, उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क और संपत्ति कर शामिल हैं। गैर-कर राजस्व सार्वजनिक सेवाओं, लाइसेंस, शुल्क और सार्वजनिक उपक्रमों से लाभ से आता है। संविधान सरकारों को दोनों श्रेणियों को लागू करने की अनुमति देता है लेकिन निर्दिष्ट सीमाओं और प्रक्रियाओं के साथ मनमानी कराधान को रोकते हुए नागरिक अधिकारों की रक्षा करता है।

अनुच्छेदविषय
246संघ, राज्य व समवर्ती सूची के विषयों का वितरण
265कानून के प्राधिकार के बिना कर नहीं
266संचित (समेकित) निधि और लोक लेखा
267आकस्मिकता निधि
268-272करों का संग्रह और वितरण
275राज्यों को सहायता-अनुदान
280वित्त आयोग

महत्वपूर्ण तथ्य

  • अनुच्छेद 245 संसद व राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई विधियों के प्रादेशिक विस्तार से संबंधित है; विषय-वितरण अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची से होता है
  • अनुच्छेद 246 के अनुसार संसद को संघ सूची पर विशेष अधिकार है, जबकि कर लगाने की शक्तियां राज्य के लिए मुख्यतः राज्य सूची में हैं
  • आयकर एक संघ सूची की वस्तु है; हालांकि, राज्यों को वित्त आयोग सिफारिशों के माध्यम से महत्वपूर्ण हिस्सा मिलता है
  • वित्त आयोग राज्यों के संसाधन अंतराल को संबोधित करने के लिए अनुच्छेद 275 के तहत सहायता-अनुदान की सिफारिश करता है
  • GST (वस्तु और सेवा कर) ने 101वें संवैधानिक संशोधन (2016) के बाद, 1 जुलाई 2017 से कई अप्रत्यक्ष करों को प्रतिस्थापित किया; GST परिषद अनुच्छेद 279-क में है और अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर IGST अनुच्छेद 269-क के तहत लगता है
  • अनुच्छेद 286 राज्य के बाहर की गई बिक्री तथा आयात-निर्यात की बिक्री पर राज्य द्वारा कर लगाने पर रोक लगाता है
  • अनुच्छेद 265 के अनुसार कोई भी कर विधायी प्राधिकार के बिना नहीं लगाया जा सकता - "कोई कर कानून के प्राधिकार के बिना नहीं लगाया जाएगा"
  • स्थानीय निकायों द्वारा एकत्र किए गए उपयोगकर्ता शुल्क और शुल्क उनके गैर-कर राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं
  • राष्ट्रपति वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करते हैं
  • राजस्थान जैसे राज्यों की आय के प्रमुख स्रोत GST में हिस्सा, राज्य के अपने कर (जैसे स्टाम्प शुल्क, राज्य उत्पाद शुल्क), खनन से प्राप्त रॉयल्टी और केंद्र से हस्तांतरण हैं

परीक्षा सुझाव

  • अनुच्छेद 246 (विषय-वितरण), 265-267 (कर, समेकित निधि), 268-272 (करों का वितरण), 275 (सहायता-अनुदान) और 280 (वित्त आयोग) पर ध्यान केंद्रित करें
  • संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची करों के बीच अंतर को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझें
  • यह याद रखें कि GST अब प्राथमिक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है; इसके संवैधानिक आधार और प्रभाव को समझें
  • वित्त आयोगों के कार्यों और सिफारिशों का अध्ययन करें, विशेष रूप से हाल के आयोग (15वां और 16वां वित्त आयोग)
  • राजस्व प्रावधानों को संघवाद अवधारणाओं से जोड़ें - कैसे वित्तीय स्वायत्तता राज्य शासन को मजबूत करती है
  • करों से संबंधित संवैधानिक संशोधनों (जैसे 101वां संशोधन - GST) के बारे में जागरूक रहें
  • अनुच्छेद 265 (विधायी प्राधिकार के बिना कराधान शून्य है) और इसके प्रभावों पर प्रश्नों का अभ्यास करें
  • GST मुआवजा, राजस्व मामलों पर अंतर-राज्यीय विवादों जैसे राज्य-विशिष्ट समस्याओं को समझें

सारांश

भारतीय संविधान में राजस्व प्रावधान राजकोषीय संघवाद का ढांचा स्थापित करते हैं। संविधान संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच कराधान शक्तियों को विभाजित करता है। वित्त आयोग, जिसका गठन हर पाँच वर्ष में होता है, समान राजस्व वितरण सुनिश्चित करता है और राजकोषीय असंतुलन को दूर करता है। राज्य वित्त आयोग स्थानीय निकायों को राजस्व वितरित करते हैं, जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करते हैं। अनुच्छेद 265 के अनुसार कानून के प्राधिकार के बिना कोई कर नहीं लगाया या वसूला जा सकता, जो नागरिक अधिकारों की रक्षा करता है। यह संवैधानिक संरचना राज्य की स्वायत्तता को राष्ट्रीय एकता के साथ संतुलित करती है।

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
  • •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
  • •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
  • •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
  • •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।
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✍️ 5 सवाल हल करें

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1

73वां संशोधन किससे संबंधित है:

2

निम्नलिखित में से कौन सा प्रस्तावना का उद्देश्य नहीं है?

3

भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष (स्थायी सभापति) कौन थे?

4

किसी राज्य में 'राष्ट्रपति शासन' (राज्य आपातकाल) किसके अंतर्गत लगाया जाता है?

5

पंचायती राज आरंभ करने वाला भारत पहला देश था; इसका उद्घाटन 1959 में किस राज्य में हुआ?

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इस टॉपिक से जुड़े पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ)

आधिकारिक प्रश्नपत्रों के असली प्रश्न, उत्तर सहित।

  1. RAS 2024

    सूची-A को सूची-B से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर की पहचान कीजिए : सूची-A (वाद) : (I) इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण (II) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (III) किहोतो होलोहान बनाम ज़ाचिल्हू (IV) पी. संबमूर्ति बनाम आंध्र प्रदेश राज्य सूची-B (चुनौती दिया गया संशोधन) : (a) 42वाँ संशोधन (b) 52वाँ संशोधन (c) 39वाँ संशोधन (d) 32वाँ संशोधन कूट :

    1. (A) I-a, II-c, III-d, IV-b
    2. (B) I-b, II-c, III-a, IV-d
    3. (C) I-d, II-b, III-c, IV-a
    4. (D) I-c, II-a, III-b, IV-d

    उत्तर: (D) I-c, II-a, III-b, IV-d

  2. RAS 2018

    मूल अधिकारों से संबंधित निम्नलिखित निर्णयों का सही कालानुक्रमिक क्रम चुनिए: (I) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (II) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (III) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (IV) ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य सही उत्तर चुनिए:

    1. (A) IV, II, III, I
    2. (B) I, II, III, IV
    3. (C) IV, I, II, III
    4. (D) IV, III, II, I

    उत्तर: (C) IV, I, II, III

  3. RAS 2015

    सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर पहचानिए : सूची-I (संवैधानिक प्रावधान) (a) मौलिक अधिकार (b) राज्य नीति के निदेशक तत्व (c) मंत्रिमंडलीय शासन (d) संघ-राज्य संबंध सूची-II (स्रोत) (I) ब्रिटिश संविधान (II) कनाडा का संविधान (III) आयरलैंड का संविधान (IV) अमेरिकी बिल ऑफ़ राइट्स

    1. (A) a-IV, b-II, c-III, d-I
    2. (B) a-IV, b-I, c-III, d-II
    3. (C) a-IV, b-III, c-I, d-II
    4. (D) a-IV, b-III, c-II, d-I

    उत्तर: (C) a-IV, b-III, c-I, d-II

  4. RAS 2023

    निम्नलिखित में से किस आयोग ने अंतर-राज्य परिषद के स्थान पर अंतर-सरकारी परिषद की स्थापना की सिफारिश की थी?

    1. (A) राजमन्नार आयोग
    2. (B) पुंछी आयोग
    3. (C) प्रशासनिक सुधार आयोग, 1969
    4. (D) सरकारिया आयोग

    उत्तर: (D) सरकारिया आयोग

  5. RAS 2024

    निम्नलिखित में से किस विषय पर वित्त मंत्रालय द्वारा 31 दिसंबर, 2023 को अधिसूचित वित्त आयोग अपनी अनुशंसा नहीं करेगा ?

    1. (A) संघ और राज्यों के बीच उन करों के शुद्ध आगम का वितरण जो संविधान के भाग XII के अध्याय I के अंतर्गत उनके बीच विभाजित किए जाने हैं या किए जा सकते हैं।
    2. (B) वे सिद्धांत जो भारत की संचित निधि से राज्यों के राजस्व के सहायता-अनुदान को शासित करेंगे।
    3. (C) पंचायतों और नगरपालिकाओं के संसाधनों के अनुपूरण हेतु किसी राज्य की संचित निधि को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपाय।
    4. (D) जलवायु प्रबंधन पहलों के वित्तपोषण संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा।

    उत्तर: (D) जलवायु प्रबंधन पहलों के वित्तपोषण संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा।