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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

भारतीय मानक समय (IST) बना एकल आधिकारिक समय संदर्भ: नए लीगल मेट्रोलॉजी नियम

1 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भारत ने साइबर सुरक्षा मजबूत करने हेतु IST को एकमात्र आधिकारिक समय मानक बनाया।

क्या हुआ

अब तक भारत की कई प्रणालियाँ आंतरिक रूप से UTC या अन्य समय संदर्भों का उपयोग करती थीं, जिससे कानूनी, वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड में असंगति पैदा होती थी। नए नियम CSIR-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL), इसरो और लीगल मेट्रोलॉजी प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर तैयार किए गए हैं, और विदेशी GPS-संबद्ध समय स्रोतों के बजाय भारत की अपनी नाविक (NavIC) उपग्रह प्रणाली के माध्यम से IST के प्रसार को बढ़ावा देते हैं। यह कदम विदेशी उपग्रह समय अवसंरचना पर निर्भरता घटाने की दिशा में है, जो साइबर सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समन्वित कानूनी समय बैंकिंग लेनदेन रिकॉर्ड, पावर ग्रिड संचालन, रेलवे सिग्नलिंग और आपातकालीन सेवाओं का आधार है। नियम राजपत्र में प्रकाशन के 180 दिन बाद प्रभावी होंगे, जिससे संस्थाओं को अपनी प्रणालियाँ अद्यतन करने का समय मिलेगा।

मुख्य तथ्य

  1. 1नोडल मंत्रालय: उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
  2. 2IST सरकारी, वाणिज्यिक और डिजिटल प्रणालियों के लिए एकल कानूनी समय मानक बना
  3. 3नियम राजपत्र प्रकाशन के 180 दिन बाद प्रभावी होंगे
  4. 4विदेशी उपग्रह समय पर निर्भरता घटाकर नाविक (NavIC)-आधारित समय प्रसार को बढ़ावा

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

यह शासन/नीति अधिसूचना और NavIC बनाम GPS जैसे तकनीकी आत्मनिर्भरता विषय RAS प्रारंभिक के लिए बार-बार पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: IST, 82.5°E देशांतर (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) पर आधारित है और UTC+5:30 के बराबर है।

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