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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

वानस्पतिक अवस्था में IVF

16 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

IVF — सहायक प्रजनन तकनीक (ART); ART (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत विनियमित; अनुच्छेद 21।

क्या हुआ

वानस्पतिक अवस्था (vegetative state) में IVF से संबंधित मामले की चर्चा हुई। यह मुद्दा एक स्थायी वानस्पतिक अवस्था (PVS — चेतना-रहित पर जीवित) में पड़े व्यक्ति के शुक्राणु/अंडाणु का उपयोग कर इन-विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (IVF) द्वारा संतान प्राप्ति की अनुमति से जुड़ा है। यह जटिल नैतिक, कानूनी व चिकित्सीय प्रश्न उठाता है — प्रजनन स्वायत्तता, सहमति (व्यक्ति सहमति देने में असमर्थ), अजन्मे बच्चे के अधिकार/कल्याण व परिवार की इच्छा। भारत में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम (ART Act), 2021 IVF/ART को नियंत्रित करता है। न्यायपालिका ऐसे मामलों में जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21), गरिमा व सहमति के बीच संतुलन साधती है। यह राजव्यवस्था, चिकित्सा नैतिकता व अधिकारों से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1वानस्पतिक अवस्था में IVF का मामला।
  2. 2PVS व्यक्ति के शुक्राणु/अंडाणु से संतान।
  3. 3नैतिक/कानूनी प्रश्न — सहमति, अजन्मे बच्चे का कल्याण।
  4. 4ART अधिनियम 2021 — IVF/ART नियमन।
  5. 5अनुच्छेद 21; प्रजनन स्वायत्तता; चिकित्सा नैतिकता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

अनुच्छेद 21, ART अधिनियम 2021 व प्रजनन स्वायत्तता राजव्यवस्था/स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: IVF/ART — सहायक प्रजनन। ART अधिनियम 2021। PVS (वानस्पतिक अवस्था); सहमति। अनुच्छेद 21; प्रजनन स्वायत्तता; चिकित्सा नैतिकता।

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