जापान ने 6,000 मीटर गहरे समुद्र तल से दुर्लभ मृदा कीचड़ निकालने का पहला परीक्षण शुरू किया
16 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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जापान के पोत Chikyu ने मिनामितोरिशिमा के पास ~6,000 मीटर गहराई से दुर्लभ मृदा कीचड़ निकालने का पहला परीक्षण शुरू किया (जनवरी 2026)।
क्या हुआ
जापान ने लगभग 6,000 मीटर गहराई से दुर्लभ मृदा तत्वों से भरपूर समुद्री कीचड़ निकालने का विश्व का पहला परीक्षण शुरू किया है। यह काम जापान एजेंसी फॉर मरीन-अर्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (JAMSTEC) द्वारा संचालित गहरे समुद्र के वैज्ञानिक ड्रिलिंग पोत Chikyu से हो रहा है। परीक्षण स्थल टोक्यो से लगभग 1,900 किमी दक्षिण-पूर्व में मिनामितोरिशिमा द्वीप के पास है। यह अभियान 11 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलना तय है और इसका उद्देश्य यह जाँचना है कि इतनी गहराई से कीचड़ लगातार ऊपर लाया जा सकता है या नहीं।
मुख्य तथ्य
- 1पोत: Chikyu, संचालक JAMSTEC
- 2गहराई: लगभग 6,000 मीटर, मिनामितोरिशिमा द्वीप के पास
- 3स्थल टोक्यो से लगभग 1,900 किमी दक्षिण-पूर्व
- 4अभियान अवधि: 11 जनवरी से 14 फरवरी 2026
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में गहरे समुद्र से दुर्लभ मृदा कीचड़ निकालने के पहले परीक्षण से जुड़ा देश, पोत या द्वीप पूछा जा सकता है।
स्थायी GK: मिनामितोरिशिमा प्रशांत महासागर में टोक्यो से लगभग 1,900 किमी दक्षिण-पूर्व स्थित एक दूरस्थ जापानी द्वीप है, जिसके आसपास समुद्र तल के कीचड़ में दुर्लभ मृदा तत्व पाए गए हैं।