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16 जनवरी 2026 · 16 January 2026विज्ञान

जापान की गहरे-समुद्री दुर्लभ मृदा खनन पहल

Japan's deep-sea rare earth mining initiative

जापान — 'चिक्यू' पोत से ~6,000 मीटर गहराई पर दुर्लभ मृदा खनन का पहला प्रयोग।

मुख्य तथ्य

  • जापान की गहरे-समुद्र दुर्लभ-मृदा खनन पहल।
  • REE (17 तत्व) — EV, पवन-टरबाइन, चुंबक, रक्षा।
  • चीन का आपूर्ति-श्रृंखला प्रभुत्व; आपूर्ति-चिंता।
  • जापान — EEZ गहरे समुद्र-तल से REE (चीन-निर्भरता घटाना)।
  • भारत — KABIL; महत्वपूर्ण खनिज-सुरक्षा।
जापान की गहरे-समुद्र दुर्लभ-मृदा (rare earth) खनन पहल की चर्चा हुई। 'दुर्लभ मृदा तत्व' (Rare Earth Elements, REE — 17 तत्वों का समूह जैसे नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम) आधुनिक उच्च-तकनीक के लिए अनिवार्य हैं — इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की मोटरें, पवन-टरबाइन, स्मार्टफोन, रक्षा-उपकरण व चुंबक। वर्तमान में इनकी वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला पर चीन का प्रभुत्व है, जिससे अन्य देशों में आपूर्ति-सुरक्षा की चिंता है। जापान का अपने EEZ (विशेषकर मिनामी-तोरीशिमा द्वीप के निकट) के गहरे समुद्र-तल से REE निकालने का प्रयास इस चीनी-निर्भरता को कम करने व आपूर्ति-विविधीकरण की दिशा में है। भारत भी (KABIL, खान मंत्रालय) महत्वपूर्ण खनिज-सुरक्षा पर ज़ोर दे रहा है। यह विज्ञान, संसाधन-भू-राजनीति व आपूर्ति-श्रृंखला से जुड़ता है। यह विज्ञान से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

दुर्लभ मृदा तत्व, गहरे-समुद्री खनन व आपूर्ति श्रृंखला विज्ञान/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

दुर्लभ मृदा (REE; 17 तत्व) — EV, पवन-टरबाइन, चुंबक, रक्षा। चीन प्रभुत्व; आपूर्ति-चिंता। जापान — गहरे-समुद्र खनन (मिनामी-तोरीशिमा)। भारत — KABIL।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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