केसलर सिंड्रोम: अंतरिक्ष मलबे की श्रृंखला-प्रतिक्रिया
28 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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दिसंबर 2025 में उपग्रहों की टक्कर व अंतरिक्ष मलबे से जुड़े जोखिम को लेकर 'केसलर सिंड्रोम' अवधारणा फिर चर्चा में आई।
क्या हुआ
पृथ्वी की कक्षा में मानव-निर्मित उपग्रहों की टक्कर से मलबे की एक श्रृंखला-प्रतिक्रिया शुरू होती है, जो अन्य उपग्रहों को क्षतिग्रस्त करती है — इसे केसलर सिंड्रोम कहा जाता है। यह सिद्धांत 1978 में डोनाल्ड केसलर ने प्रस्तावित किया था। हाल ही में 'क्रैश' (कोलिजन रियलाइजेशन - सिग्निफिकेंट हैजर्ड) नामक निगरानी तंत्र ने इस बारे में चेतावनी जारी की।
मुख्य तथ्य
- 1अवधारणा प्रस्तावक: डोनाल्ड केसलर (1978)
- 2अर्थ: उपग्रह टक्करों से मलबे की श्रृंखला-प्रतिक्रिया
- 3हालिया चेतावनी जारीकर्ता: 'क्रैश' निगरानी तंत्र
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
केसलर सिंड्रोम की अवधारणा व इसके प्रस्तावक (डोनाल्ड केसलर, 1978) पर प्रश्न बन सकता है।
स्थायी GK: पृथ्वी की निम्न कक्षा (LEO) में अंतरिक्ष मलबे की बढ़ती मात्रा भविष्य के उपग्रह प्रक्षेपणों व अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जाती है।