29 जनवरी 2026 · 29 January 2026
लाला लाजपत राय की 161वीं जयंती
161st Birth Anniversary of Lala Lajpat Rai
लाला लाजपत राय — 'पंजाब केसरी'; लाल-बाल-पाल त्रिमूर्ति; साइमन कमीशन विरोध में घायल होकर निधन।
मुख्य तथ्य
- •लाला लाजपत राय की 161वीं जयंती।
- •'पंजाब केसरी'; लाल-बाल-पाल त्रयी (गरम दल)।
- •आर्य समाज, स्वदेशी, DAV संस्थान।
- •पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना में भूमिका।
- •1928 साइमन कमीशन विरोध — लाठीचार्ज से निधन।
लाला लाजपत राय की 161वीं जयंती की चर्चा हुई। लाला लाजपत राय (1865-1928) एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, समाज-सुधारक व लेखक थे, जिन्हें 'पंजाब केसरी' (पंजाब का शेर) कहा जाता है। वे कांग्रेस के 'गरम दल' (उग्रवादी धारा) के 'लाल-बाल-पाल' त्रयी (लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल) में से एक थे। उन्होंने आर्य समाज, स्वदेशी आंदोलन व शिक्षा (DAV संस्थानों) में योगदान दिया तथा 'पंजाब नेशनल बैंक' व 'लक्ष्मी इंश्योरेंस' की स्थापना में भूमिका निभाई। 1928 में साइमन कमीशन के विरोध-प्रदर्शन में पुलिस लाठीचार्ज से लगी चोटों से उनका निधन हुआ ('मुझ पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश राज के ताबूत की कील बनेगी')। यह स्वतंत्रता संग्राम व आधुनिक इतिहास से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
लाला लाजपत राय, लाल-बाल-पाल व स्वतंत्रता आंदोलन आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
लाला लाजपत राय (1865-1928) — 'पंजाब केसरी'; लाल-बाल-पाल; गरम दल। आर्य समाज, DAV, PNB। साइमन कमीशन विरोध — लाठीचार्ज से निधन।
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