वैज्ञानिकों ने पेश किया लिबेक्स, गर्मी सहनशील कॉफी संकर
30 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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जून 2026 में वैज्ञानिकों ने लिबेक्स नामक एक नया कॉफी संकर पेश किया, जिसे गर्म तापमान और विविध वर्षा पैटर्न सहने के लिए विकसित किया गया है।
क्या हुआ
वैज्ञानिकों ने लिबेक्स नामक एक नया कॉफी संकर पेश किया है, जिसे कॉफिया लिबेरिका और कॉफिया एक्सेल्सा से तैयार किया गया है और यह पारंपरिक अरेबिका या रोबस्टा कॉफी की तुलना में गर्म तापमान और अधिक विविध वर्षा पैटर्न में सफलतापूर्वक उगने और फसल देने में सक्षम है। यह विकास इस बढ़ती चिंता के जवाब में आया है कि जलवायु परिवर्तन कई उत्पादक क्षेत्रों में पारंपरिक कॉफी किस्मों के लिए स्थितियों को कम अनुकूल बना रहा है। लिबेक्स जैसा अधिक जलवायु-सहनशील संकर तापमान बढ़ने और वर्षा के अनिश्चित होने के साथ कॉफी उत्पादन को स्थिर रखने में मदद कर सकता है। इसकी प्रासंगिकता दुनिया भर के कॉफी उत्पादक क्षेत्रों के लिए है, जिसमें भारत के दक्षिणी राज्यों की कॉफी पट्टी भी शामिल है।
मुख्य तथ्य
- 1लिबेक्स कॉफिया लिबेरिका और कॉफिया एक्सेल्सा का संकर है
- 2गर्म तापमान और विविध वर्षा सहने के लिए विकसित
- 3प्रतिकूल जलवायु में पारंपरिक अरेबिका/रोबस्टा से बेहतर प्रदर्शन
- 4वैश्विक और भारतीय कॉफी उत्पादन की जलवायु सहनशीलता के लिए प्रासंगिक
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
कृषि जलवायु सहनशीलता, फसल विज्ञान और भारत की नकदी फसलों से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के कृषि-विज्ञान खंड के लिए प्रासंगिक है।
स्थायी GK: भारत में कॉफी मुख्य रूप से कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में उगाई जाती है; कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया (स्थापना 1942) इस क्षेत्र की देखरेख करता है।