LIGO-India का पहला गुरुत्वाकर्षण तरंग वेधशाला
11 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
LIGO-India — भारत की पहली प्रमुख गुरुत्वाकर्षण-तरंग वेधशाला; हिंगोली, महाराष्ट्र।
क्या हुआ
LIGO-इंडिया, भारत की पहली गुरुत्वाकर्षण तरंग (gravitational wave) वेधशाला, चर्चा में रही। यह महाराष्ट्र के हिंगोली ज़िले में स्थापित की जा रही है, जो अमेरिका के LIGO के साथ एक वैश्विक नेटवर्क का भाग होगी। गुरुत्वाकर्षण तरंगें अंतरिक्ष-समय में तरंगें हैं जो विशाल खगोलीय घटनाओं (जैसे ब्लैक होल/न्यूट्रॉन तारों का विलय) से उत्पन्न होती हैं — आइंस्टीन ने 1916 में इनकी भविष्यवाणी की, व 2015 में LIGO ने पहली बार इन्हें खोजा। LIGO-इंडिया ब्रह्मांड के अध्ययन (बहु-संदेशवाहक खगोल विज्ञान) में भारत की वैश्विक भूमिका बढ़ाएगी। यह DAE व DST की पहल है।
मुख्य तथ्य
- 1LIGO-इंडिया — भारत की पहली गुरुत्वाकर्षण तरंग वेधशाला।
- 2स्थान — हिंगोली, महाराष्ट्र।
- 3गुरुत्वाकर्षण तरंगें — आइंस्टीन (1916) की भविष्यवाणी।
- 4LIGO ने पहली बार खोजी (2015)।
- 5DAE व DST की पहल; वैश्विक नेटवर्क।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
LIGO, गुरुत्वाकर्षण तरंगें व इंटरफेरोमीटर विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: LIGO-इंडिया — हिंगोली, महाराष्ट्र। गुरुत्वाकर्षण तरंगें — आइंस्टीन (1916); LIGO खोज (2015)। DAE व DST। वैश्विक नेटवर्क।