15 जनवरी 2026 · 15 January 2026
मकर संक्रांति 2026
Makar Sankranti 2026
मकर संक्रांति — सूर्य का उत्तरायण (मकर राशि में प्रवेश); प्रमुख फसल त्योहार।
मुख्य तथ्य
- •मकर संक्रांति 2026 (14/15 जनवरी)।
- •सूर्य का मकर राशि प्रवेश; उत्तरायण।
- •सौर त्योहार (लगभग निश्चित तिथि); फसल-कटाई उत्सव।
- •पोंगल, लोहड़ी, बिहू, उत्तरायण (पतंगबाज़ी)।
- •सांस्कृतिक विविधता में एकता।
'मकर संक्रांति 2026' की चर्चा हुई। मकर संक्रांति (14/15 जनवरी) एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो सूर्य के 'मकर राशि' (Capricorn) में प्रवेश ('उत्तरायण' — सूर्य का उत्तर की ओर बढ़ना) का प्रतीक है; यह सर्दियों के अंत व लंबे दिनों की शुरुआत को दर्शाता है। यह एक 'सौर' त्योहार है (इसलिए अधिकांश हिंदू त्योहारों के विपरीत यह लगभग एक निश्चित तिथि पर आता है), व फसल-कटाई का उत्सव है। इसे पूरे भारत में विभिन्न नामों से मनाया जाता है — पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब, एक दिन पहले), बिहू (असम), उत्तरायण (गुजरात — पतंगबाज़ी)। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता-में-एकता को दर्शाता है। यह कला-संस्कृति व त्योहार से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
मकर संक्रांति, फसल त्योहार व भारतीय पर्व कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
मकर संक्रांति — सूर्य का मकर राशि प्रवेश (उत्तरायण); सौर त्योहार; फसल-कटाई। पोंगल/लोहड़ी/बिहू/उत्तरायण (पतंग)। विविधता में एकता।
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