6 अगस्त 2026 · 6 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
मंगरह धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं
Mangarh Dham Denied National Monument Status
मंगरह धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा न मिलने का कारण आधुनिक विकास से पुरातात्विक विशेषताओं में ह्रास है।
मुख्य तथ्य
- •मंगरह धाम बांसवाड़ा जिले में स्थित है
- •1913 में गोविंद गुरु के नेतृत्व में भील आंदोलन का प्रमुख केंद्र था
- •ब्रिटिश पुलिस गोलीबारी में लगभग 1,500 आदिवासी मारे गए
- •प्राचीन स्मारक अधिनियम, 1958 के तहत पुरातात्विक सत्यता आवश्यक है
बांसवाड़ा जिले में स्थित मंगरह धाम को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अस्वीकृति दी गई है। सरकार ने इस निर्णय का कारण बताया कि इस स्थल पर आधुनिक विकास और निर्माण कार्य से इसकी पुरातात्विक विशेषताएं, प्रामाणिकता और अखंडता प्रभावित हुई हैं। यह स्थल राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के आदिवासी समुदायों के लिए पूजा का महत्वपूर्ण केंद्र है। 1913 में गोविंद गुरु के नेतृत्व में यहां 1.5 लाख भील आदिवासी एकत्रित हुए थे, जहां ब्रिटिश पुलिस की गोलीबारी में लगभग 1,500 लोग मारे गए थे। यह घटना 'राजस्थान का जलियांवाला बाग' के रूप में जानी जाती है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
राजस्थान के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों, आदिवासी आंदोलनों और स्मारक संरक्षण कानूनों से संबंधित परीक्षा प्रश्न।
📚 संबंधित स्थायी GK
राजस्थान में जलियांवाला बाग कांड के समान घटनाएं राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
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