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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

मणिपुर जातीय संघर्ष व UAPA शक्ति विस्तार

29 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

UAPA धारा 43A — निम्न-रैंक अधिकारियों को 'विश्वास का कारण' पर शक्तियां; मेइती बनाम कुकी-ज़ो संघर्ष।

क्या हुआ

मणिपुर के जातीय संघर्ष व UAPA शक्तियों के विस्तार पर चर्चा हुई। मणिपुर में मुख्यतः मैतेई (घाटी) व कुकी-ज़ो (पहाड़ी) समुदायों के बीच जातीय हिंसा हुई, जिसके पीछे भूमि, आरक्षण (ST दर्जा), जनसांख्यिकी व संसाधनों के मुद्दे रहे। गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 आतंकवाद व राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से निपटने का प्रमुख कानून है, जो कठोर प्रावधान (लंबी हिरासत, संगठनों/व्यक्तियों को आतंकी घोषित करना) देता है। इसके विस्तार पर नागरिक स्वतंत्रता बनाम सुरक्षा की बहस उठती है।

मुख्य तथ्य

  1. 1मणिपुर जातीय संघर्ष व UAPA शक्तियों का विस्तार।
  2. 2मैतेई बनाम कुकी-ज़ो; भूमि, ST दर्जा, संसाधन।
  3. 3UAPA 1967 — प्रमुख आतंकवाद-रोधी कानून।
  4. 4कठोर प्रावधान — लंबी हिरासत, आतंकी घोषणा।
  5. 5बहस — नागरिक स्वतंत्रता बनाम सुरक्षा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

UAPA, मणिपुर संघर्ष व अनुसूचित जनजाति दर्जा राजव्यवस्था/सुरक्षा में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: मणिपुर — मैतेई (घाटी) बनाम कुकी-ज़ो (पहाड़ी)। UAPA 1967 — आतंकवाद-रोधी कानून; व्यक्तियों को आतंकी घोषित करना (2019 संशोधन)। AFSPA।

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