मासिक धर्म स्वास्थ्य - मौलिक अधिकार
10 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वास्थ्य को अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार माना।
क्या हुआ
डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत संघ (2026) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वास्थ्य व स्वच्छता (MHH) को अनुच्छेद 21 (जीवन व गरिमा का अधिकार) के तहत मौलिक अधिकार माना। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सरकार सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के स्कूलों में निःशुल्क बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए तथा हर स्कूल में लड़के-लड़कियों के लिए अलग कार्यात्मक शौचालय सुनिश्चित करे।
मुख्य तथ्य
- 1मामला: डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत संघ (2026)
- 2अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार
- 3सभी स्कूलों में निःशुल्क पैड
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
SC मामला व अनुच्छेद 21।
स्थायी GK: अनुच्छेद 21 जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है।