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राष्ट्रीय · विज्ञान

राष्ट्रीय कुष्ठ रोग दिवस

2 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

राष्ट्रीय कुष्ठ रोग दिवस — 30 जनवरी; कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता व कलंक उन्मूलन।

क्या हुआ

'राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस' (National Leprosy Day, 30 जनवरी) की चर्चा हुई। यह दिवस महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) पर मनाया जाता है, जिन्होंने कुष्ठ-रोगियों की सेवा व उनके प्रति सामाजिक कलंक (stigma) मिटाने हेतु कार्य किया। कुष्ठ (leprosy/हैनसेन रोग) 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' जीवाणु से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जो त्वचा व तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है; यह पूर्णतः उपचार-योग्य है (बहु-औषधि चिकित्सा/MDT से)। इसका सबसे बड़ा मुद्दा सामाजिक भेदभाव व कलंक है, न कि रोग स्वयं। भारत ने 2005 में कुष्ठ-उन्मूलन (प्रति 10,000 पर 1 से कम) हासिल किया था। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, रोग-नियंत्रण व सामाजिक समावेशन से जुड़ा है। यह विज्ञान/स्वास्थ्य से जुड़ा है। (संवेदनशील विषय; प्रविष्टि सम्मानजनक व तथ्यात्मक है।)

मुख्य तथ्य

  1. 1राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस — 30 जनवरी।
  2. 2गांधी पुण्यतिथि पर; कुष्ठ-सेवा व कलंक-निवारण।
  3. 3कुष्ठ — माइकोबैक्टीरियम लेप्री; त्वचा/तंत्रिका।
  4. 4पूर्णतः उपचार-योग्य (बहु-औषधि चिकित्सा/MDT)।
  5. 5मुख्य मुद्दा — कलंक; भारत उन्मूलन (2005)।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

कुष्ठ रोग, NLEP व उन्मूलन स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस — 30 जनवरी (गांधी पुण्यतिथि)। कुष्ठ — माइकोबैक्टीरियम लेप्री; उपचार-योग्य (MDT)। मुख्य मुद्दा — कलंक। भारत उन्मूलन 2005।

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