NavIC नेविगेशन प्रणाली
17 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
NavIC — भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली (IRNSS); ISRO द्वारा विकसित।
क्या हुआ
नाविक (NavIC) नौवहन प्रणाली चर्चा में रही। NavIC ('नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन') भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय उपग्रह नौवहन प्रणाली है, जिसे ISRO ने विकसित किया (पूर्व नाम IRNSS)। यह भारत व इसके आसपास ~1,500 किमी तक सटीक स्थिति, नौवहन व समय सेवाएँ प्रदान करती है (अमेरिका के GPS के समान, पर क्षेत्रीय व स्वतंत्र)। उपयोग — परिवहन, कृषि, आपदा चेतावनी, रक्षा, मोबाइल व मत्स्य पालन। स्वदेशी प्रणाली रणनीतिक स्वायत्तता देती है (विदेशी GPS पर निर्भरता घटाकर)। सरकार स्मार्टफोन/उपकरणों में NavIC समर्थन अनिवार्य कर रही है।
मुख्य तथ्य
- 1नाविक (NavIC) नौवहन प्रणाली।
- 2भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय प्रणाली (ISRO); पूर्व IRNSS।
- 3~1,500 किमी तक स्थिति/नौवहन/समय सेवाएँ।
- 4उपयोग — परिवहन, आपदा, रक्षा, मत्स्य पालन।
- 5रणनीतिक स्वायत्तता; स्मार्टफोन में अनिवार्य।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
NavIC, IRNSS व उपग्रह नेविगेशन विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: NavIC — भारत की क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली (ISRO); पूर्व IRNSS। ~1,500 किमी कवरेज। GPS (अमेरिका), GLONASS, गैलीलियो, बेइदोउ।