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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का 23वां स्थापना दिवस

21 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

NCST — संवैधानिक निकाय (अनुच्छेद 338A); 89वें संविधान संशोधन (2003) से स्थापित।

क्या हुआ

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के 23वें स्थापना दिवस की चर्चा हुई। NCST एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना 89वें संविधान संशोधन (2003) द्वारा अनुच्छेद 338A के तहत 2004 में हुई (पहले अनुसूचित जाति व जनजाति का एक संयुक्त आयोग था; इसे विभाजित कर अलग NCSC व NCST बनाए गए)। यह अनुसूचित जनजातियों (ST) के संवैधानिक व कानूनी सुरक्षा-उपायों (जैसे वन अधिकार, पाँचवीं/छठी अनुसूची, PESA अधिनियम) की निगरानी, शिकायत-जाँच व उनके अधिकारों की रक्षा करता है। यह राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपता है। यह जनजातीय कल्याण, सामाजिक न्याय व संवैधानिक संरक्षण से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1NCST का 23वाँ स्थापना दिवस।
  2. 2संवैधानिक निकाय — अनुच्छेद 338A।
  3. 389वाँ संविधान संशोधन (2003); 2004 में गठित।
  4. 4ST सुरक्षा-उपायों की निगरानी; शिकायत-जाँच।
  5. 5PESA, वन अधिकार, पाँचवीं/छठी अनुसूची।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

NCST, अनुच्छेद 338A व जनजातीय अधिकार राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: NCST — संवैधानिक निकाय; अनुच्छेद 338A; 89वाँ संशोधन (2003); 2004 में गठित। ST सुरक्षा-उपाय निगरानी; PESA, वन अधिकार, 5वीं/6वीं अनुसूची।

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