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राष्ट्रीय · विज्ञान

भारत की अगली पीढ़ी की सुनामी चेतावनी प्रणाली

10 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सुनामी चेतावनी प्रणाली — INCOIS (हैदराबाद) द्वारा संचालित; भूकंप व समुद्र-तल सेंसर आधारित।

क्या हुआ

भारत की अगली-पीढ़ी की सुनामी-चेतावनी प्रणाली की चर्चा हुई। सुनामी समुद्र के नीचे भूकंप, ज्वालामुखी-विस्फोट या भूस्खलन से उत्पन्न विशाल समुद्री लहरें हैं (2004 की हिंद महासागर सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी)। भारत 'भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र' (INCOIS, हैदराबाद) के माध्यम से सुनामी-चेतावनी प्रणाली संचालित करता है, जो भूकंपीय सेंसर, समुद्र-तल दबाव-रिकॉर्डर (BPR), ज्वार-मापी व बोय-नेटवर्क से डेटा लेकर समय पर चेतावनी जारी करता है। अगली-पीढ़ी की प्रणाली AI, बेहतर मॉडलिंग व सेंसर से चेतावनी की गति व सटीकता बढ़ाती है। भारत हिंद महासागर क्षेत्र के अन्य देशों को भी चेतावनी-सेवा देता है। यह विज्ञान, आपदा-प्रबंधन व समुद्री विज्ञान से जुड़ा है। यह विज्ञान से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत की अगली-पीढ़ी की सुनामी-चेतावनी प्रणाली।
  2. 2सुनामी — समुद्री भूकंप/भूस्खलन से विशाल लहरें।
  3. 3INCOIS (हैदराबाद) — चेतावनी प्रणाली संचालक।
  4. 4सेंसर — BPR, ज्वार-मापी, बोय-नेटवर्क; AI।
  5. 5हिंद महासागर क्षेत्र को भी चेतावनी-सेवा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

सुनामी चेतावनी, INCOIS व आपदा प्रबंधन विज्ञान में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: सुनामी — समुद्री भूकंप/भूस्खलन से लहरें (2004 तबाही)। INCOIS (हैदराबाद) — चेतावनी प्रणाली; BPR, ज्वार-मापी, बोय। AI से सुधार; क्षेत्रीय सेवा।

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