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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

कोविड-19 वैक्सीन प्रतिकूल प्रभावों हेतु नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति नीति

13 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति — दोष सिद्ध किए बिना वैक्सीन के दुर्लभ प्रतिकूल प्रभावों हेतु मुआवज़ा।

क्या हुआ

कोविड-19 टीके के प्रतिकूल प्रभावों हेतु 'नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति' (no-fault compensation) नीति की चर्चा हुई। 'नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति' का अर्थ है — टीके से होने वाली गंभीर प्रतिकूल प्रतिक्रिया (adverse event) की स्थिति में पीड़ित को बिना यह सिद्ध किए कि किसकी 'गलती' थी (निर्माता/सरकार की लापरवाही साबित किए बिना) मुआवज़ा देना। यह सिद्धांत टीकाकरण में जनता का विश्वास बनाए रखने, न्याय व सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन हेतु महत्वपूर्ण है (WHO का COVAX 'नो-फॉल्ट' मुआवज़ा कार्यक्रम भी है)। यह मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में भी उठा (टीका-सुरक्षा बनाम व्यापक हित)। यह स्वास्थ्य-नीति, विधि व राज्य की ज़िम्मेदारी से जुड़ा है। (यह संवेदनशील विषय है; प्रविष्टि सूचनात्मक है।) यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कोविड टीके हेतु नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति नीति।
  2. 2प्रतिकूल प्रभाव पर बिना 'गलती' सिद्ध किए मुआवज़ा।
  3. 3टीकाकरण में जन-विश्वास बनाए रखना।
  4. 4WHO COVAX का नो-फॉल्ट मुआवज़ा कार्यक्रम।
  5. 5सर्वोच्च न्यायालय में उठा; स्वास्थ्य-नीति।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति, वैक्सीन सुरक्षा व AEFI राजव्यवस्था/स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: नो-फॉल्ट क्षतिपूर्ति — टीके के प्रतिकूल प्रभाव पर बिना 'गलती' सिद्ध किए मुआवज़ा। टीकाकरण में विश्वास। WHO COVAX कार्यक्रम। सर्वोच्च न्यायालय में मुद्दा।

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