19 अगस्त 2026 · 19 August 2026
परमाणु दायित्व और भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ
Nuclear Liability Framework and India's International Commitments
CSC अंतर्राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति तंत्र SHANTI Act की अपर्याप्त सीमा को पूरक कर सकता है।
मुख्य तथ्य
- •भारत ने 2016 में Convention on Supplementary Compensation (CSC) की पुष्टि की।
- •CSC अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक कोष से अतिरिक्त क्षतिपूर्ति प्रदान करता है।
- •भारत Vienna Convention (1963) और Paris Convention (1960) का पक्षकार नहीं है।
- •SHANTI Act 300 मिलियन SDR की सीमा से अधिक के लिए CSC के तहत निधि प्राप्त कर सकता है।
भारत ने 2016 में Convention on Supplementary Compensation (CSC), 1997 की पुष्टि की है। यह एक वैश्विक ढाँचा है जो राष्ट्रीय मुआवजा अपर्याप्त होने पर अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक कोष के माध्यम से अतिरिक्त मुआवजा प्रदान करता है। भारत CSC के 2026 संशोधन का पक्षकार नहीं है। Vienna Convention (1963) और Paris Convention (1960) अंतर्राष्ट्रीय परमाणु दायित्व के अन्य ढाँचे हैं, लेकिन भारत इन दोनों का पक्षकार नहीं है। SHANTI Act के तहत, यदि क्षति 300 मिलियन SDR से अधिक है, तो केंद्र सरकार CSC के तहत अतिरिक्त निधि प्राप्त कर सकती है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
भारत की अंतर्राष्ट्रीय परमाणु दायित्व प्रतिबद्धताएँ, CSC तंत्र और बहुपक्षीय सहयोग।
📚 संबंधित स्थायी GK
Paris Convention (1960) OECD Nuclear Energy Agency द्वारा प्रशासित क्षेत्रीय परमाणु दायित्व ढाँचा है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert