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📚 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

भारत में परमाणु ऊर्जा — रिएक्टर, नीति और तीन चरण कार्यक्रम

Nuclear Energy in India — Reactors, Policy and Three-Stage Programme

11 मिनटadvanced✓ अपडेटेड: मई 2026· Science and Technology

परिचय

परमाणु ऊर्जा भारत की रणनीतिक प्राथमिकता है। RAS Prelims में परमाणु कार्यक्रम, प्रमुख प्रतिष्ठान और तीन चरण कार्यक्रम का परीक्षण होता है।

परमाणु ऊर्जा विभाग

स्थापना: 1954। प्रधानमंत्री मंत्री हैं। BARC (भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र), मुंबई — भारत की प्रमुख परमाणु अनुसंधान सुविधा।

भारत का तीन चरण परमाणु कार्यक्रम

परिकल्पना: डॉ. होमी जे. भाभा। लक्ष्य: थोरियम भंडार से ऊर्जा स्वतंत्रता।

चरण 1: प्राकृतिक यूरेनियम PHWR। चरण 2: तीव्र प्रजनक रिएक्टर — कलपक्कम में PFBR। चरण 3: थोरियम रिएक्टर। भारत के पास विश्व का 25% थोरियम भंडार (केरल में)।

भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्र

तारापुर (महाराष्ट्र): पहला, 1969। रावतभाटा (राजस्थान): RAPS — 6 इकाइयां, 1180 MW। कुडनकुलम (तमिलनाडु): रूस की सहायता से, सबसे अधिक क्षमता।

RAS Prelims में महत्व

ध्यान दें: तीन चरण कार्यक्रम, होमी भाभा, RAPS स्थान, भारत में थोरियम भंडार, भारत-अमेरिका परमाणु समझौता 2008।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
  • ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
  • भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
  • सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
  • डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।
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