3 मार्च 2026 · 3 March 2026विज्ञान
न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्टिंग (NAT)
Nucleic Acid Amplification Testing (NAT)
NAT — रक्त में वायरस के आनुवंशिक पदार्थ (DNA/RNA) का सीधे पता लगाने वाली उन्नत जांच।
मुख्य तथ्य
- •न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्टिंग (NAT)।
- •रोगजनक की आनुवंशिक सामग्री (DNA/RNA) पहचान।
- •PCR/RT-PCR जैसी आणविक तकनीक।
- •रक्त-स्क्रीनिंग — HIV, हेप B/C शीघ्र पकड़।
- •रक्त-सुरक्षा; आणविक निदान।
'न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्टिंग (NAT)' की चर्चा हुई। NAT एक उन्नत आणविक जाँच-तकनीक है जो किसी रोगजनक (वायरस/बैक्टीरिया) की आनुवंशिक सामग्री (DNA/RNA) को सीधे पहचानती व प्रवर्धित (amplify) करती है (जैसे PCR/RT-PCR)। रक्तदान-स्क्रीनिंग में NAT का उपयोग HIV, हेपेटाइटिस B व C जैसे संक्रमणों को बहुत प्रारंभिक चरण ('विंडो पीरियड') में ही पकड़ लेता है — पारंपरिक एंटीबॉडी-जाँच की तुलना में अधिक संवेदनशील व सुरक्षित। इससे रक्त-आधान से होने वाले संक्रमण का जोखिम घटता है, जिससे रक्त-आपूर्ति अधिक सुरक्षित होती है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, रक्त-सुरक्षा व आणविक निदान से जुड़ा है। यह विज्ञान/स्वास्थ्य से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
NAT, रक्त सुरक्षा व आणविक निदान विज्ञान/स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
NAT — आणविक जाँच; रोगजनक की DNA/RNA पहचान/प्रवर्धन (PCR)। रक्त-स्क्रीनिंग — HIV/हेप B,C 'विंडो पीरियड' में पकड़। रक्त-सुरक्षा।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert