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17 फरवरी 2026 · 17 February 2026

ओल चिकी लिपि

Ol Chiki Script

ओल चिकी — संथाली भाषा की लिपि; 1925 में पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा विकसित।

मुख्य तथ्य

  • ओल चिकी — संथाली भाषा की लिपि।
  • पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा (~1925) विकसित।
  • संथाल जनजाति (झारखंड, बंगाल, ओडिशा)।
  • संथाली — आठवीं अनुसूची (2003 में जोड़ी)।
  • जनजातीय भाषाई अस्मिता; सांस्कृतिक संरक्षण।
'ओल चिकी लिपि' (Ol Chiki Script) की चर्चा हुई। ओल चिकी संथाली भाषा की लिपि है (संथाल जनजाति की भाषा, जो भारत की प्रमुख जनजातीय भाषाओं में से एक है — झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, असम में)। इसे 1925 के आसपास पंडित रघुनाथ मुर्मू ने विकसित किया, ताकि संथाली को अपनी विशिष्ट लिपि मिले (पहले इसे रोमन/देवनागरी/बांग्ला में लिखा जाता था)। संथाली भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है (2003 में जोड़ी गई)। ओल चिकी जनजातीय भाषाई अस्मिता, सांस्कृतिक संरक्षण व मातृभाषा-शिक्षा का प्रतीक है। यह कला-संस्कृति, भाषा व जनजातीय विरासत से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

ओल चिकी, संथाली व 8वीं अनुसूची कला-संस्कृति में पूछी जाती हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

ओल चिकी — संथाली भाषा की लिपि; रघुनाथ मुर्मू (~1925)। संथाली — आठवीं अनुसूची (2003 में जोड़ी)। जनजातीय भाषाई अस्मिता।

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