पार्किंसंस रोग
17 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
पार्किंसंस — प्रगतिशील न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार; लक्षण — कंपन, ब्रैडीकाइनेशिया, मांसपेशीय कठोरता।
क्या हुआ
पार्किंसन रोग (Parkinson's disease) की चर्चा हुई। यह एक प्रगतिशील न्यूरोडीजेनेरेटिव (तंत्रिका-क्षयकारी) मस्तिष्क विकार है, जिसमें मस्तिष्क में डोपामाइन उत्पन्न करने वाली तंत्रिका-कोशिकाएँ नष्ट होती हैं। इसके लक्षण — कंपन (tremor), मांसपेशियों में अकड़न, धीमी गति (ब्रैडीकाइनेशिया), संतुलन व चाल की समस्याएँ। यह आमतौर पर वृद्धावस्था में होता है; इसका कोई निश्चित इलाज नहीं, पर दवाओं (लेवोडोपा), डीप ब्रेन स्टिमुलेशन व थेरेपी से लक्षण प्रबंधित किए जाते हैं। बढ़ती उम्र की आबादी के साथ ऐसे रोगों का बोझ बढ़ रहा है (विश्व पार्किंसन दिवस — 11 अप्रैल)। यह विज्ञान, स्वास्थ्य व न्यूरोलॉजी से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1पार्किंसन रोग।
- 2प्रगतिशील न्यूरोडीजेनेरेटिव मस्तिष्क विकार।
- 3डोपामाइन-कोशिकाओं का नष्ट होना; कंपन, अकड़न।
- 4उपचार — लेवोडोपा; डीप ब्रेन स्टिमुलेशन।
- 5विश्व पार्किंसन दिवस — 11 अप्रैल।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार व पार्किंसंस विज्ञान/स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: पार्किंसन — न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार; डोपामाइन की कमी। लक्षण — कंपन, अकड़न, धीमी गति। लेवोडोपा; डीप ब्रेन स्टिमुलेशन। विश्व पार्किंसन दिवस 11 अप्रैल।