संसद विशेष सत्र: महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने वाला विधेयक लोकसभा में पेश
16 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
भारतीय संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने हेतु संविधान संशोधन विधेयक पेश करना था। मूल महिला आरक्षण अधिनियम (संविधान का 106वाँ संशोधन अधिनियम, 2023) सितंबर 2023 में नए संसद भवन में आयोजित विशेष सत्र में पारित हुआ था, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया। परंतु इसे लागू करने की शर्त अगली जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूर्ण होना रखी गई। अप्रैल 2025 के इस विशेष सत्र में पेश नया विधेयक परिसीमन और महिला आरक्षण की सक्रियता के बीच की प्रक्रियात्मक कड़ी को संवैधानिक रूप से स्पष्ट करता है। जनगणना — जो 2011 में अंतिम बार हुई और COVID-19 के कारण 2021 से विलंबित है — पूर्ण हुए बिना परिसीमन संभव नहीं। अतः 2029 के लोकसभा चुनाव इस आरक्षण के लागू होने का सबसे पहला संभावित अवसर हैं। यह विषय अनुच्छेद 330A, 332A, संघवाद और चुनावी सुधारों की दृष्टि से RAS परीक्षा के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।