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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

PM केयर्स व राहत कोषों पर PMO का निर्देश

11 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

PMO — ये कोष स्वैच्छिक दान से वित्तपोषित; संचित निधि से नहीं, इसलिए संसदीय प्रश्न अग्राह्य।

क्या हुआ

PM CARES व राहत-कोषों पर PMO के निर्देश की चर्चा हुई। PM CARES फंड (Prime Minister's Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations Fund, 2020 में कोविड-19 के दौरान गठित) आपात स्थितियों में राहत हेतु एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है, जो स्वैच्छिक दान स्वीकार करता है (इस पर CSR व कर-छूट लागू)। 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF, 1948) भी ऐसा ही एक पुराना कोष है। इन कोषों के स्वरूप, पारदर्शिता, ऑडिट व RTI-योग्यता पर बहस/न्यायिक विचार रहा है। PMO के निर्देश आमतौर पर इनके उपयोग, वितरण, पारदर्शिता व प्रशासन से जुड़े होते हैं। यह आपदा-राहत, सार्वजनिक वित्त व शासन-जवाबदेही से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है। (निर्देश के सटीक विवरण आधिकारिक स्रोत से पुष्टि योग्य।)

मुख्य तथ्य

  1. 1PM CARES व राहत-कोषों पर PMO निर्देश।
  2. 2PM CARES (2020; कोविड) — आपात राहत ट्रस्ट।
  3. 3स्वैच्छिक दान; CSR व कर-छूट।
  4. 4PMNRF (1948); पारदर्शिता/RTI बहस।
  5. 5आपदा-राहत; सार्वजनिक वित्त; शासन-जवाबदेही।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

PM केयर्स, PMNRF व सार्वजनिक जवाबदेही राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: PM CARES (2020; कोविड) — आपात राहत सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट; CSR/कर-छूट। PMNRF (1948)। पारदर्शिता/RTI बहस। आपदा-राहत; शासन-जवाबदेही।

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