मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

जनसंख्या विस्फोट से जनसंख्या स्थिरीकरण तक

7 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) प्रतिस्थापन स्तर (2.1) तक गिरी; जनसंख्या स्थिरीकरण की ओर।

क्या हुआ

'जनसंख्या विस्फोट से जनसंख्या स्थिरीकरण' की ओर भारत की यात्रा चर्चा में रही। भारत की कुल प्रजनन दर (TFR) प्रतिस्थापन स्तर (2.1) तक या उससे नीचे गिर चुकी है (NFHS-5: ~2.0), जो जनसंख्या स्थिरीकरण की ओर संक्रमण दर्शाता है। यह शिक्षा (विशेषकर महिला), परिवार नियोजन, स्वास्थ्य व जागरूकता का परिणाम है। अब ध्यान 'जनसंख्या लाभांश' (कार्यशील आयु वर्ग की बड़ी आबादी) के दोहन पर है — रोज़गार, कौशल व स्वास्थ्य के माध्यम से। साथ ही दीर्घकालिक मुद्दे — वृद्ध होती आबादी, क्षेत्रीय असंतुलन व परिसीमन — उभर रहे हैं। यह जनसांख्यिकीय परिवर्तन व विकास नियोजन से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1जनसंख्या विस्फोट से स्थिरीकरण की ओर।
  2. 2भारत की TFR ~2.0 — प्रतिस्थापन स्तर के निकट/नीचे।
  3. 3कारण — महिला शिक्षा, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य।
  4. 4ध्यान — जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन।
  5. 5उभरते मुद्दे — वृद्ध आबादी, क्षेत्रीय असंतुलन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

कुल प्रजनन दर (TFR), जनसांख्यिकीय लाभांश व जनसंख्या नीति अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: TFR — प्रतिस्थापन स्तर 2.1; भारत ~2.0 (NFHS-5)। जनसांख्यिकीय लाभांश। वृद्ध आबादी; परिसीमन। परिवार नियोजन।

इसी विषय पर और

इस विषय को और गहराई से पढ़ें