22 अगस्त 2026 · 22 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन
Pradhan Mantri Janjatiya Vikas Mission
पीएमजेवीएम जनजातीय समुदायों को वनोपज के कच्चे विक्रेताओं से मूल्य-संवर्धन उद्यमियों में परिवर्तित कर रहा है।
मुख्य तथ्य
- •87 लघु वनोपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित
- •2013-14 के बाद से 2.68 लाख मीट्रिक टन लघु वनोपज की खरीद (₹693.98 करोड़ मूल्य)
- •वन धन विकास केंद्रों में 60% से अधिक अनुसूचित जनजाति प्रतिनिधित्व अनिवार्य
- •महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) जनजातीय कल्याण मंत्रालय की एक केंद्रीय योजना है जिसे तीन पूर्ववर्ती योजनाओं को मिलाकर बनाया गया है। इसका उद्देश्य लघु वनोपज की खरीद, मूल्य संवर्धन, कौशल विकास और विपणन के माध्यम से जनजातीय आजीविका और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। ट्राइफेड इसकी केंद्रीय कार्यान्वयन एजेंसी है। योजना के अंतर्गत 87 लघु वनोपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। जुलाई 2026 तक 4,172 वन धन विकास केंद्र अनुमोदित किए गए हैं, जिनमें 2,911 कार्यशील हैं और 12.48 लाख जनजातीय सदस्यों को जोड़ते हैं।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
जनजातीय विकास योजनाओं में वन धन मॉडल की भूमिका और लघु वनोपज आधारित आजीविका सृजन की रणनीति।
📚 संबंधित स्थायी GK
वनाधिकार अधिनियम, 2006 गैर-इमारती वनोपज को परिभाषित करता है और वन-निवासी समुदायों को इसे एकत्रित व बेचने का अधिकार देता है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert