प्रत्यूष - चंद्र कक्षा में स्थापित होने वाला रेडियोमीटर
1 सितंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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सितंबर 2025 की समीक्षा में रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) द्वारा विकसित हो रहे 'प्रत्यूष' उपकरण का उल्लेख हुआ।
क्या हुआ
यह हाइड्रोजन से संकेतों का उपयोग कर ब्रह्मांड के पुनः-आयनीकरण (re-ionization) का अध्ययन करने हेतु डिजिटल रिसीवर प्रणाली है। इसे 'भविष्य का रेडियोमीटर' कहा जाता है, जिसे चंद्र कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जो बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड में हुए परिवर्तनों को उजागर करेगा।
मुख्य तथ्य
- 1रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) द्वारा विकसित
- 2हाइड्रोजन संकेतों से ब्रह्मांड के पुनः-आयनीकरण का अध्ययन
- 3चंद्र कक्षा में स्थापित होने वाला उपकरण
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
भारत के अंतरिक्ष वेधशाला उपकरणों के नाम व उद्देश्य RAS प्रारंभिक परीक्षा में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना नोबेल पुरस्कार विजेता सी.वी. रमन ने 1948 में बेंगलुरु में की थी।