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राष्ट्रीय · विज्ञान

PSLV विफलताएं व निहितार्थ

21 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

PSLV — ISRO का विश्वसनीय 'वर्कहॉर्स' प्रक्षेपण यान; दुर्लभ विफलताएं चिंता का विषय।

क्या हुआ

PSLV की विफलताओं व उनके निहितार्थों की चर्चा हुई। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) ISRO का सबसे विश्वसनीय व 'वर्कहॉर्स' राकेट है, जिसने सैकड़ों उपग्रह (भारतीय व विदेशी) सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किए हैं तथा चंद्रयान-1 व मंगलयान जैसे मिशनों को भी अंजाम दिया। किसी प्रक्षेपण की विफलता तकनीकी समीक्षा, विश्वसनीयता, वाणिज्यिक प्रतिष्ठा (NSIL के माध्यम से वैश्विक प्रक्षेपण बाज़ार) व मिशन-योजना पर प्रभाव डालती है। विफलता-विश्लेषण समिति कारणों की जाँच कर सुधार सुझाती है। उच्च विश्वसनीयता अंतरिक्ष-वाणिज्य व रणनीतिक स्वायत्तता के लिए आवश्यक है। यह अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व ISRO की क्षमता से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1PSLV की विफलताएँ व निहितार्थ।
  2. 2PSLV — ISRO का सबसे विश्वसनीय 'वर्कहॉर्स' राकेट।
  3. 3सैकड़ों उपग्रह; चंद्रयान-1, मंगलयान।
  4. 4विफलता — विश्वसनीयता व वाणिज्यिक प्रतिष्ठा पर प्रभाव।
  5. 5विफलता-विश्लेषण समिति; सुधार।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

PSLV, ISRO व प्रक्षेपण यान विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: PSLV — ISRO का 'वर्कहॉर्स'; सैकड़ों प्रक्षेपण। चंद्रयान-1, मंगलयान। NSIL — वाणिज्यिक शाखा। विफलता-विश्लेषण समिति।

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