पंजाब-राजस्थान जल विवाद
26 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
1981 त्रिपक्षीय समझौता — राजस्थान को 8.6 MAF (सर्वाधिक हिस्सा) आवंटित, गैर-तटवर्ती राज्य होते हुए भी।
क्या हुआ
पंजाब-राजस्थान जल विवाद चर्चा में रहा। यह विवाद रावी-ब्यास नदी जल के बंटवारे, विशेषकर सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर व भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जल आवंटन से संबंधित है। राजस्थान को इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के माध्यम से पंजाब की नदियों से जल मिलता है, जो थार के रेगिस्तानी क्षेत्रों (श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर) में सिंचाई व पेयजल का आधार है। पंजाब अपने घटते जल संसाधनों के कारण आपत्ति जताता है। यह अंतर-राज्यीय जल विवाद (अनुच्छेद 262) व संघवाद का संवेदनशील मुद्दा है, जो राजस्थान की जल सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- 1पंजाब-राजस्थान जल विवाद।
- 2रावी-ब्यास जल; SYL नहर; BBMB आवंटन।
- 3IGNP — राजस्थान की जल जीवनरेखा।
- 4थार ज़िले — श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर।
- 5अनुच्छेद 262; राजस्थान जल सुरक्षा हेतु अहम।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
अंतर-राज्यीय जल विवाद, अनुच्छेद 262, ISWD अधिनियम 1956 व इंदिरा गांधी नहर राजस्थान/राजव्यवस्था में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: रावी-ब्यास; SYL नहर; BBMB। IGNP (इंदिरा गांधी नहर) — राजस्थान की जीवनरेखा (श्रीगंगानगर-जैसलमेर)। अनुच्छेद 262; ISWD अधिनियम 1956।