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राष्ट्रीय · विज्ञान

रेबीज़ को अधिसूचित रोग घोषित करना

6 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

रेबीज़ — घातक ज़ूनोटिक वायरल रोग (मुख्यतः कुत्ते के काटने से); अब अधिसूचित रोग।

क्या हुआ

रेबीज़ को 'अधिसूचित रोग' (notifiable disease) बनाने की चर्चा हुई। रेबीज़ एक घातक विषाणु रोग है, जो मुख्यतः संक्रमित कुत्तों (व अन्य स्तनधारियों) के काटने से फैलता है व तंत्रिका-तंत्र को प्रभावित करता है; लक्षण प्रकट होने के बाद यह लगभग 100% जानलेवा है, पर समय पर टीकाकरण (पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस) से पूर्णतः रोका जा सकता है। 'अधिसूचित रोग' वह है जिसके प्रत्येक मामले की सूचना कानूनन सरकारी स्वास्थ्य-अधिकारियों को देना अनिवार्य होता है — इससे रोग-निगरानी, डेटा, प्रकोप-नियंत्रण व उन्मूलन-प्रयास मज़बूत होते हैं। भारत का लक्ष्य 2030 तक 'कुत्ता-मध्यस्थ रेबीज़ उन्मूलन' है (राष्ट्रीय रेबीज़ नियंत्रण कार्यक्रम; One Health)। यह विज्ञान, सार्वजनिक स्वास्थ्य व रोग-नियंत्रण से जुड़ता है। यह विज्ञान से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1रेबीज़ को अधिसूचित रोग बनाना।
  2. 2रेबीज़ — कुत्ता-काटने से घातक विषाणु रोग।
  3. 3लक्षण के बाद ~100% जानलेवा; टीके से रोकथाम।
  4. 4अधिसूचित रोग — प्रत्येक मामले की अनिवार्य सूचना।
  5. 5भारत — 2030 तक रेबीज़ उन्मूलन लक्ष्य; One Health।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

रेबीज़, अधिसूचित रोग व 'वन हेल्थ' स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: रेबीज़ — घातक विषाणु (कुत्ता-काटने); लक्षण बाद ~100% जानलेवा; टीके से रोकथाम। अधिसूचित रोग — मामले की अनिवार्य सूचना। भारत — 2030 उन्मूलन लक्ष्य; One Health।

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