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राजस्थान · राजव्यवस्था

राजस्थान कैबिनेट — पेंशनभोगियों हेतु फेस-ऑथेंटिकेशन से जीवन प्रमाण-पत्र

22 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

राजस्थान — पेंशन जीवन प्रमाण-पत्र अब फेस-ऑथेंटिकेशन से (मई 2026)।

क्या हुआ

राजस्थान मंत्रिमंडल द्वारा पेंशनभोगियों हेतु चेहरा-प्रमाणीकरण (face-authentication) आधारित जीवन प्रमाण-पत्र को मंज़ूरी की चर्चा हुई। पेंशनभोगियों को पेंशन जारी रखने हेतु प्रतिवर्ष 'जीवित होने का प्रमाण' (जीवन प्रमाण-पत्र) देना होता है। चेहरा-प्रमाणीकरण तकनीक से पेंशनभोगी स्मार्टफोन से अपना चेहरा स्कैन कर डिजिटल रूप से, घर बैठे, बैंक/कार्यालय जाए बिना यह प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं — विशेषकर वृद्ध, दिव्यांग व दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों हेतु सुविधाजनक। यह डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता व 'जीवन प्रमाण' (आधार-आधारित डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र) से जुड़ा है। यह सुशासन व नागरिक सुविधा से जुड़ा है (राजस्थान-विशिष्ट)।

मुख्य तथ्य

  1. 1राजस्थान — पेंशनभोगियों हेतु चेहरा-प्रमाणीकरण जीवन प्रमाण-पत्र।
  2. 2पेंशन हेतु वार्षिक 'जीवित होने का प्रमाण'।
  3. 3स्मार्टफोन से चेहरा स्कैन; घर बैठे डिजिटल जमा।
  4. 4वृद्ध/दिव्यांग/दूरस्थ हेतु सुविधाजनक।
  5. 5ई-गवर्नेंस; जीवन प्रमाण (आधार-आधारित)।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राज्य कैबिनेट के प्रशासनिक/ई-गवर्नेंस निर्णय राजव्यवस्था खंड में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: जीवन प्रमाण-पत्र — पेंशन हेतु वार्षिक। चेहरा-प्रमाणीकरण — डिजिटल, घर बैठे। जीवन प्रमाण (आधार-आधारित)। ई-गवर्नेंस।

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