CSIR-CRRI ने राजस्थान सरकार के समक्ष स्वदेशी MSS+ सड़क तकनीक का प्रदर्शन किया
12 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
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राजस्थान CSIR-CRRI की कम-उत्सर्जन MSS+ सड़क तकनीक का मूल्यांकन कर रहा है; 7 अगस्त 2026 को जयपुर में प्रदर्शन हुआ।
क्या हुआ
राजस्थान सचिवालय में प्रस्तुति संस्थान के फ्लेक्सिबल पेवमेंट डिवीजन के प्रमुख सतीश पांडे ने दी, जिसमें लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल CSIR की महानिदेशक एन. कलैसेल्वी के उस अनुरोध के बाद हुई जिसमें राज्य से CSIR-CRRI की हरित सड़क तकनीकों पर विचार करने को कहा गया था। प्रदर्शन में MSS+ स्मार्ट मिक्स प्रो ऑटोमैटिक प्लांट का उपयोग हुआ, जिसे इस सतह के लिए देश का पहला स्वदेशी स्वचालित मोबाइल मिक्सिंग प्लांट बताया गया है। संस्थान के अनुसार यह तकनीक उत्तर प्रदेश में 100 किमी से अधिक सड़कों पर लागू हो चुकी है। राज्य ने इसके व्यापक उपयोग के मूल्यांकन में रुचि दिखाई।
मुख्य तथ्य
- 1MSS+ = मॉडिफाइड मिक्स सील सरफेसिंग प्लस; विकासकर्ता CSIR-CRRI, नई दिल्ली
- 27 अगस्त 2026 को जयपुर में स्मार्ट मिक्स प्रो प्लांट से लाइव प्रदर्शन
- 3निर्माण उत्सर्जन, ऊर्जा खपत और सामग्री की बर्बादी में कमी
- 4उत्तर प्रदेश में 100 किमी से अधिक सड़कों पर उपयोग
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रश्न MSS+ के पूर्ण रूप, इसे विकसित करने वाले संस्थान (CSIR-CRRI) या जिस राज्य में यह 100+ किमी सड़कों पर लगी है (उत्तर प्रदेश) पर आ सकता है।
स्थायी GK: MSS+ तकनीक में गिट्टी (एग्रीगेट) और बिटुमेन को गर्म करने की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए हर मौसम में सड़क बनाई जा सकती है। CSIR के महानिदेशक वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) के सचिव भी होते हैं।