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राजस्थान · राजव्यवस्था

साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की ई-ज़ीरो एफआईआर में राजस्थान देश में पाँचवें स्थान पर

1 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

ई-ज़ीरो एफआईआर में राजस्थान पाँचवें स्थान पर (जनवरी 2026 से 251); दिल्ली 6,115 के साथ शीर्ष पर, चंडीगढ़ 4,174 के साथ दूसरे पर।

क्या हुआ

गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने मई 2025 में दिल्ली में पायलट के रूप में ई-ज़ीरो एफआईआर शुरू की। इसमें NCRP पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत अपने आप ज़ीरो एफआईआर बन जाती है; पायलट में ₹10 लाख से अधिक नुकसान वाले मामले शामिल थे और पीड़ित तीन दिन में इसे नियमित एफआईआर में बदलवा सकते थे। 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में बताया गया कि 18 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश यह मंच अपना चुके हैं। दिल्ली (6,115) और चंडीगढ़ (4,174) आगे हैं, फिर उत्तराखंड (552), गोवा (446) और राजस्थान (251) हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1गृह मंत्रालय के I4C ने मई 2025 में दिल्ली पायलट से ई-ज़ीरो एफआईआर शुरू की
  2. 2NCRP या 1930 हेल्पलाइन की शिकायत स्वतः ज़ीरो एफआईआर में दर्ज
  3. 318 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जुड़े; दिल्ली 6,115, चंडीगढ़ 4,174
  4. 4राजस्थान पाँचवें स्थान पर, जनवरी 2026 से 251 ई-ज़ीरो एफआईआर

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

ई-ज़ीरो एफआईआर किस संस्था ने शुरू की, शिकायत के माध्यम (NCRP/1930) या राजस्थान के स्थान पर प्रश्न पूछा जा सकता है।

स्थायी GK: भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) गृह मंत्रालय के अधीन है और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) इसी से जुड़ा है। मंत्रालय ने अपने उत्तर में BNSS, 2023 की धारा 173(1) का हवाला दिया, जो संज्ञेय अपराध की सूचना मौखिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से देने की अनुमति देती है।

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