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राजस्थान · राजव्यवस्था

राजस्थान मंत्रिमंडल ने समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी

20 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

राजस्थान UCC विधेयक 2026 (कैबिनेट मंजूरी 13 अगस्त): बहुविवाह पर रोक, 60 दिन में विवाह पंजीकरण, अनुसूचित जनजातियाँ बाहर।

क्या हुआ

राजस्थान मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त 2026 को राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 के प्रारूप को स्वीकृति दी। विधेयक विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंधों पर एक जैसे नियम प्रस्तावित करता है, बहुविवाह पर रोक लगाता है और कानून लागू होने के बाद विवाह का 60 दिन में पंजीकरण अनिवार्य करता है। सप्तपदी, निकाह और आनंद कारज जैसी रीतियों से विवाह की छूट बनी रहेगी, जबकि अनुसूचित जनजातियाँ और संविधान से संरक्षित पारंपरिक अधिकार वाले समुदाय इसके दायरे से बाहर रहेंगे। प्रारूप सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है।

मुख्य तथ्य

  1. 1मंत्रिमंडल मंजूरी: 13 अगस्त 2026, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता
  2. 2बहुविवाह पर रोक; 60 दिन में विवाह पंजीकरण अनिवार्य
  3. 3अनुसूचित जनजातियाँ संहिता के दायरे से बाहर
  4. 4आधार: जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रारंभिक परीक्षा में अनुच्छेद 44, UCC लागू करने वाला पहला राज्य या राजस्थान विधेयक के प्रमुख प्रावधान पूछे जा सकते हैं।

स्थायी GK: संविधान का अनुच्छेद 44 नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता की बात करता है। उत्तराखंड 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना।

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